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कुल्लू टुडे

शिमला

ऑकलैंड हाउस स्कूल, शिमला ने शुक्रवार को अपने 160वें स्थापना दिवस के अवसर पर भव्य एलुमनाई मीट एवं विरासत समारोह का आयोजन किया।

इस विशेष अवसर पर देश-विदेश से पहुंचीं पूर्व छात्राओं ने अपने पुराने दिनों की यादों को फिर से जीवंत किया और विद्यालय की गौरवशाली 160 वर्षों की यात्रा का उत्सव मनाया।

कार्यक्रम की शुरुआत विशेष प्रार्थना सभा से हुई, जिसके पश्चात विद्यालय की समृद्ध शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक विरासत को समर्पित एक स्मारक कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया गया।

साथ ही विद्यालय की ऐतिहासिक यात्रा, उपलब्धियों और पूर्व छात्राओं की स्मृतियों पर आधारित एक विशेष पॉडकास्ट भी प्रस्तुत किया गया।

इस अवसर पर विद्यालय की विरासत को समर्पित एक विशेष डाक आवरण (पोस्टल कवर) भी जारी किया गया।

समारोह का एक प्रमुख आकर्षण ऐतिहासिक ‘ओल्ड हॉल’ का पुनः उद्घाटन रहा, जो पीढ़ियों से ऑकलैंड हाउस की पहचान और भावनात्मक जुड़ाव का केंद्र रहा है।

इसके अलावा “Planting Memories and Growing the Future” थीम के अंतर्गत पूर्व छात्राओं द्वारा विद्यालय परिसर में 160 पौधे लगाकर विशेष वृक्षारोपण अभियान चलाया गया।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के डाइनिंग हॉल में सामूहिक लंच आयोजित किया गया, जबकि कक्षा 12 की छात्राओं और पूर्व छात्राओं के बीच मैत्रीपूर्ण खेल प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। पूरे परिसर में पुरानी यादों, अपनत्व और विद्यालयीय भावना का विशेष उत्साह देखने को मिला।

डायोसिस ऑफ अमृतसर के बिशप राइट रेवरेन्ड मनोज चरण ने समारोह की अध्यक्षता की।

उन्होंने विद्यालय द्वारा वर्षों से शिक्षा, संस्कार और परंपराओं को सहेजने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऑकलैंड हाउस ने पीढ़ियों तक विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

इस अवसर पर पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह और डॉ. अमरीन कौर भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।

प्रतिभा सिंह ने विद्यालय की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऑकलैंड हाउस स्कूल ने आत्मविश्वासी, संवेदनशील और सामाजिक रूप से जागरूक महिलाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है तथा यह संस्थान शिमला की प्रतिष्ठित शैक्षणिक पहचान के रूप में स्थापित है।

विद्यालय की प्रधानाचार्या स्मारकी स्मांतराय ने कहा कि यह आयोजन केवल एक एलुमनाई मीट नहीं, बल्कि साझा स्मृतियों, मूल्यों और विद्यालय से जुड़े आजीवन रिश्तों का उत्सव है।

उन्होंने कहा कि ऑकलैंड हाउस समय के साथ आधुनिकता को अपनाते हुए भी अपनी समृद्ध परंपराओं और विरासत को गर्व के साथ आगे बढ़ा रहा है।

कार्यक्रम में ऑकलैंड हाउस स्कूल फॉर बॉयज़ के संस्थापक प्रधानाचार्य माइकल जॉन तथा वर्तमान प्रधानाचार्य रूबेन जॉन भी उपस्थित रहे।

उन्होंने विद्यालय और पूर्व छात्राओं के बीच बने गहरे भावनात्मक संबंधों और आपसी जुड़ाव की सराहना की।

विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि ऑकलैंड हाउस स्कूल की शुरुआत वर्ष 1866 में जाखू स्थित होली लॉज से ‘पंजाब गर्ल्स स्कूल’ के रूप में हुई थी, जिसके बाद इसे वर्तमान परिसर में स्थापित किया गया।

विद्यालय ने इससे पूर्व अपने 150वें स्थापना वर्ष के अवसर पर भव्य विरासत यात्रा (हेरिटेज प्रोसेशन) सहित कई विशेष कार्यक्रम आयोजित किए थे, जो संस्थान की ऐतिहासिक विरासत और शिक्षा के क्षेत्र में उसके योगदान को दर्शाते हैं।

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