कुल्लू टुडे
कुल्लू
आयुष, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री यादविंद्र गोमा ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के चौथे दिन ढालपुर स्थित रथ मैदान में आयोजित ग्लोबल डांस, लेजर शो और ड्रोन शो का आनंद लिया।
उन्होंने विभिन्न देशों के लोक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव हिमाचल प्रदेश की समृद्ध देव संस्कृति, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विविधता का अद्वितीय संगम है।

*देव संस्कृति का अद्भुत संगम*
आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव का अपना विशिष्ट महत्व है। यह उत्सव केवल हिमाचल प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश-विदेश के लोगों के लिए भी विशेष आकर्षण का केंद्र है। प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु इस उत्सव में भाग लेने के लिए कुल्लू पहुंचते हैं तथा यहां की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक रीति-रिवाजों और ऐतिहासिक परंपराओं से रूबरू होते हैं।

उन्होंने कहा कि कुल्लू दशहरा की सबसे बड़ी विशेषता यहां होने वाला भव्य देव समागम है, जहां विभिन्न क्षेत्रों के देवी-देवता अपने-अपने देवालयों से निकलकर ढालपुर पहुंचते हैं। देव परंपराओं, आस्था और लोक संस्कृति का यह अलौकिक संगम कुल्लू दशहरा को विश्वभर के अन्य उत्सवों से विशिष्ट पहचान प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि सदियों पुरानी परंपराओं को संजोए हुए यह उत्सव हमारी सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहां आने वाले लोगों को हिमाचल की देव संस्कृति को करीब से जानने और समझने का अवसर मिलता है। यही कारण है कि देश-विदेश के लोग हर वर्ष इस ऐतिहासिक उत्सव का बेसब्री से इंतजार करते हैं।
*15 देशों की संस्कृति की झलक*
यादविंद्र गोमा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के अंतर्गत आयोजित ग्लोबल डांस कार्यक्रम ने सांस्कृतिक विविधता को एक मंच पर लाने का सराहनीय प्रयास किया है। इस कार्यक्रम में 15 देशों के लोक कलाकारों ने अपनी पारंपरिक प्रस्तुतियों के माध्यम से विभिन्न देशों की सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और कला का प्रदर्शन किया।

उन्होंने कहा कि विदेशी कलाकारों की प्रस्तुतियों के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक झलक देखने को मिली।
इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों को विभिन्न देशों और क्षेत्रों की परंपराओं, संगीत तथा नृत्य शैलियों से परिचित करवाया। इस तरह के आयोजन विभिन्न संस्कृतियों के बीच आपसी समझ, सौहार्द और मैत्री को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि ग्लोबल डांस जैसे कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव को वैश्विक पहचान प्रदान करने के साथ-साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान के अवसर भी उपलब्ध करवाते हैं। इससे हिमाचल प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करने में सहायता मिलती है।

*लेजर और ड्रोन शो ने मोहा मन*
मंत्री ने रथ मैदान में आयोजित लेजर शो और ड्रोन शो की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से पर्यटन, संस्कृति, साहसिक खेलों तथा रामायण के विभिन्न प्रसंगों को प्रस्तुत करना अपने आप में एक अभिनव और आकर्षक पहल है।
इन कार्यक्रमों ने पारंपरिक धार्मिक एवं सांस्कृतिक विषयों को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर दर्शकों के सामने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

उन्होंने कहा कि आसमान में ड्रोन के माध्यम से उकेरी गई आकृतियों और प्रकाश की मनमोहक प्रस्तुतियों ने भगवान श्रीराम से जुड़े प्रसंगों को जीवंत रूप प्रदान किया। वहीं, लेजर शो ने अपनी आकर्षक दृश्यावली से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।
इस प्रकार के आयोजन उत्सव को नई भव्यता प्रदान करते हैं तथा युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बनते हैं।

उन्होंने कहा कि कुल्लू दशहरा जैसे पारंपरिक उत्सवों में आधुनिक तकनीक का समावेश सांस्कृतिक विरासत को नए अंदाज में प्रस्तुत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे उत्सव की लोकप्रियता बढ़ने के साथ-साथ पर्यटकों को भी नए अनुभव प्राप्त होते हैं।

*उत्सव समिति को दी बधाई*
गोमा ने अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के सफल एवं आकर्षक आयोजन के लिए विधायक एवं उत्सव समिति के अध्यक्ष सुंदर सिंह ठाकुर तथा समस्त दशहरा उत्सव समिति को बधाई दी।

उन्होंने कहा कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न करवाने के लिए विभिन्न विभागों, अधिकारियों, कर्मचारियों, कलाकारों और आयोजकों का समन्वित प्रयास सराहनीय है।

इस अवसर पर नगर परिषद कुल्लू की अध्यक्ष आशा ठाकुर, उपाध्यक्ष शालिनी राय, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी, देश-विदेश से आए लोक कलाकार तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पर्यटक उपस्थित रहे।
