कुल्लू टूडे
त्रिलोकीनाथ
जिला बाल संरक्षण इकाई, लाहौल-स्पीति द्वारा नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस के उपलक्ष्य में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय त्रिलोकनाथ (हिंसा) में वीरवार को एक दिवसीय जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर का उद्देश्य बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों तथा उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला बाल संरक्षण अधिकारी डॉ. हीरा नंद ने छात्रों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्परिणामों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी और नशे से बचाव के उपायों पर भी प्रकाश डाला।
उन्होंने बच्चों को प्रेरित किया कि वे सकारात्मक जीवनशैली अपनाएं और अपने अधिकारों को जानें।
स्वास्थ्य विभाग के डॉ. विशाल ने बच्चों को संतुलित आहार, योग, प्राणायाम, खेलकूद और अच्छी पुस्तकों के महत्व के बारे में बताया, जिससे बच्चे मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकें।
बाल कल्याण समिति के सदस्य हीरा लाल ने समिति की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बाल कल्याण समिति एक संवैधानिक निकाय है जो बच्चों के संरक्षण और उनके कल्याण हेतु कार्य करती है।
संस्थागत बाल संरक्षण अधिकारी जोगिंद्र कुमार ने बच्चों को जुवेनाइल जस्टिस एक्ट (JJ Act), पॉक्सो एक्ट, बाल विवाह, बाल श्रम, गुड टच-बैड टच जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि इन विषयों पर खुलकर चर्चा करना आवश्यक है, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित और सशक्त बन सके।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य नरेश शर्मा ने जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारियों एवं अन्य प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने आग्रह किया कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यालयों में नियमित रूप से आयोजित किए जाएं, जिससे बच्चों को सही मार्गदर्शन मिल सके।
