कुल्लू टूडे
कुल्लू
फोरलेन संघर्ष समिति के नेताओं ने वर्तमान प्रदेश सरकार को हर मोर्चे पर घेरा।
संघर्ष समिति ने सरकार पर आरोप लगते हुए कहा कि सरकार ने इस मसले को लेकर वर्ष 2018 में मंत्री
गोविंद सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में कैबिनेट सब कमेटी बनाई थी।
लेकिन यह कमेटी अभी तक सिर्फ बैठकों तक ही सीमित रही है, नतीजा कुछ नहीं निकल पाया है।
गौरतलब है कि फैक्टर दो न देने पर फोरलेन संघर्ष समिति ने एक बार फिर सरकार के खिलाफ अपनी जंग को तेज कर दिया है। सोमवार को सैंकड़ों फोरलेन प्रभावितोें
ने फोरलेन संघर्ष समिति के नेतृत्व में जिला मुख्यालय कुल्लू में
प्रदर्शन व रैली निकालकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की है। इससे पहले फोरलेन प्रभावितों ने ढालपुर प्रदर्शनी मैदान में एक बैठक की। बैठक आए प्रभावितों को संबोधित करते हुए समिति के नेताओं ने पूर्व में रही कांग्रेस सरकार के साथ साथ वर्तमान भाजपा सरकार को खूब खरी खोटी सुनाई।
बैठक के बाद ढालपुर चौक होते हुए उपायुक्त कुल्लू कार्यालय तक रैली
निकाली। उपायुक्त कार्यालय के बाहर संघर्ष समिति के नेताओं ने
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए वर्तमान प्रदेश सरकार को हर मोर्चे पर घेरा।
इस मौके पर फोरलेन संघर्ष समिति के अध्यक्ष बृजेश महंत और
पदाधिकारी दिशेन सेन, अजय कंवर, महेंद्र ठाकुर, छप्पे राम, हुकम ठाकुर, चौबी देवी, देवेंद्र नेगी, अरूण ठाकुर, रूचिन चौहान, विशाल शर्मा, शम्मी मदान, ओम प्रकाश महंत, सुभाष नेगी आदि ने संबोधित किया।
उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया है कि सरकार ने इस मसले को लेकर वर्ष 2018 में मंत्री
गोविंद सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में कैबिनेट सब कमेटी बनाई थी।
लेकिन यह कमेटी अभी तक सिर्फ बैठकों तक ही सीमित रही है, नतीजा कुछ नहीं निकल पाया है।
इसके बाद सरकार ने अक्तूबर 2021 में राजस्व मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में एक और त्रिस्तरीय कैबिनेट सब कमेटी का भी गठन किया। लेकिन यह कमेटी प्रभावितों के साथ संवाद करने में अभी तक आगे नहीं आई है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि एनएचएआई मुआवजे के लिए कानून का उल्लंघन कर रही है। जबकि फोरलेन प्रभावित पिछले पांच सालों से आन्दोलनरत है और अभी तक यह आन्दोलन चल रहा है। लेकिन प्रदेश सरकार अभी तक उनकी
मांगों का समाधान नहीं कर पाई है।
उन्होंने कहा कि देश के अन्य राज्यों में फैक्टर
दो के तहत चार गुणा मुआवजा दिया जा रहा है। लेकिन हिमाचल प्रदेश सरकार इसे देने की पहल नहीं कर पा रही है। लिहाजा, फोरलेन प्रभावितों ने सरकार से मांग की है कि वह जनता को इस मामले में राहत प्रदान की जाए।
इस मौके पर संघर्ष समिति ने सरकार को मांगपत्र भेजकर मांग की है कि उनकी मांगों पर जल्द गौर किया जाए। अन्यथा आने वाले समय में फोरलेन प्रभावित सरकार के
खिलाफ बड़ा आन्दोलन खड़ा करेंगे।
