कुल्लू टूडे
कुल्लू
भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय व हिलक्वीन हस्तशिल्प एवं हथकरघा बुनकर कल्याण समिति मनाली जिला कुल्लू के सयुंक्त तत्वधान में आयोजित गांघी शिल्प बाजार व प्रदर्शनी का शुभारंभ हुआ।
गौरतलब है कि 18 मार्च तक चलने वाले इस शिल्प बाज़ार व प्रदर्शनी में देश भर के 15 राज्यों के हस्तशिल्प, हस्तकरघा, बांस का फर्नीचर, लकड़ी के खिलौने व अन्य उत्पाद 100 स्टालों पर बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे।
प्रदेश सरकार ग्रामीण आर्थिकी सुदृढ़ करने के लिये वचनवद्ध है। आने वाले समय में प्रदेश सरकार के बजट में ग्रामीण आर्थिकी के सुदृढ़ीकरण व विकास के लिए अनेक योजनाएं आरम्भ की जायेगी।
गांधी शिल्प मेले के आयोजन से हस्तशिल्प व हथकरघा से जुड़े लोगों को अपने उत्पादो को प्रदर्शित व बिक्री के लिए मंच मिला हैं।
कुल्लू जिला अपने हस्तशिल्प व हथकरघा उत्पादों के लिए देश ही नही विदेश में भी जाना जाता है।
जिले की कुल्लू शाल को 2005 में जीआई टैग मिला है। कुल्लू टोपी व मफलर ने देश -विदेश में अपनी पहचान बनाई है।
सरकार द्वारा हस्तशिल्प व हथकरघा उत्पादों के सरक्षण, सम्वर्धन के लिए अनेक योजनाएं व कार्यक्रम आरम्भ किये गए हैं।
कुल्लू के ढालपुर मैदान में लगे हस्तशिल्प व हथकरघा उत्पादों में स्थानीय लोग गहरी रुचि दिखा रहे हैं।
