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कुल्लू टूडे

कुल्लू

जिला के विभिन्न स्थानों में लोगों द्वारा वन व सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे किए गए हैं। जिसके चलते जिला में अवैध कब्जे हटाने को लेकर प्रशासन ने तैयारी कर ली है।

सोमवार से सरकारी व वन भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को हटाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग ने जानकारी देते हुए बताया कि हाईकोर्ट के दिशा निर्देश के मुताबिक सोमवार 13 मार्च से
जिला में अवैध कब्जा हटाने का अभियान चलाया जाएगा।

जिसके तहत प्रथम चरण में फोरलेन के किनारे अवैध कब्जे व दूसरी समस्याओं को निपटाया जाएगा। उसके बाद नेशनल हाईवे औट-लूहरी पर हुए तमाम कब्जे हटाए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि जिला के पर्यटन स्थलों मणिकरण, मनाली, बंजार जिभि व तीर्थन घाटी में वन भूमि पर लोगों किए गए अवैध कब्जों को हटाया हटाया जाएगा।

गर्ग ने कहा कि खास तौर पर बंजार उपमंडल के तहत पर्यटन स्थल जीभी मणिकरण तीर्थन व
मनाली में वन भूमि पर कब्जा करके बहुत से लोग व्यापारिक गतिविधियां चलाए हुए हैं। जिन्हें किसी भी सूरत में नहीं बख्शा जाएगा।

खासतौर पर बंजार उपमंडल के तहत जीभी व
अन्य इलाकों में बड़े स्तर पर कब्जे करके पर्यटन व व्यापारिक गतिविधियां
चलाई जा रही हैं।

इसके साथ ही भुंतर – मणिकरण मार्ग में भी अनेक स्थानों पर
लोगों द्वारा वन भूमि पर कब्जे करके मकान वह गेस्ट हाउस आदि बना रखे हैं।

जबकि पर्यटन नगरी मनाली के सोलंग नाला के साथ ही आसपास के इलाकों में भी
लोगों द्वारा वन भूमि पर अवैध कब्जा करके पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियां
चलाई हुई है।

उल्लेखनीय है कि हिमाचल हाई कोर्ट द्वारा कुछ अरसा पहले सरकार व वन
विभाग को सड़कों के किनारे हुए अवैध कब्जों को हटाने के निर्देश दे रखे
हैं।

लेकिन अभी तक हाईकोर्ट के आदेशों के मुताबिक कुल्लू ही नहीं बल्कि प्रदेश भर में भी कड़ाई से कार्रवाई नहीं हुई है।

हालांकि कुल्लू के
उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने माना कि हाईकोर्ट मे भी इस संदर्भ में निर्देश
दे रखे हैं, उसी के तहत जिला प्रशासन अवैध कब्जों को हटाने की कार्यवाही को अमल में ला रहा है।

अब देखना यह है कि जिला प्रशासन अवैध कब्जे हटाने
की कवायद कहां तक चलती है।

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