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कुल्लू टूडे

मण्डी

हिमाचल प्रदेश की सूक्खू सरकार में मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार जरूरतमंद बच्चों विशेषकर अनाथ, निराश्रित महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों का कल्याण सुनिश्चित करने के लिए संकल्पबद्ध है।

रविवार सांय परिधि गृह में जनसमस्याएं सुनने के उपरांत मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिह ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने 101 करोड़ रुपये की धनराशि से मुख्यमंत्री सुखाश्रय सहायता कोष स्थापित करने की दिशा में पहल की है ताकि जरूरतमंद बच्चों और निराश्रित महिलाओं को उच्च शिक्षा की सुविधा प्रदान की जा सके।

उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों के कौशल विकास शिक्षा, उच्च शिक्षा और व्यवसायिक प्रशिक्षण पर आने वाले खर्च को राज्य सरकार वहनकरेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने बाल देखभाल संस्थानों, नारी सेवा सदनों, शक्ति सदनों और वृद्धाश्रमों के आवासियों को त्यौहार मनाने के लिए उत्सवअनुदान भी प्रदान किया है।

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की चिरलंबित पुरानी पेंशन की मांग को भी पहली ही केबिनेट की मीटिंग में बहाल करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के इस निर्णय से राज्य के 1.36 लाख से अधिक एनपीएस कर्मचारी लाभान्वित होंगे।

उन्होंने कहा कि राज्य के समग्र विकास के लिए योजनाबद्व तरीके से कार्य किया जाएगा तथा इसमें किसी भी स्तर पर भेदभाव नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मंडी जिला में लंबित विकास कार्यों को अमलीजामा पहनाया जाएगा तथा नियमित तौर पर विकास कार्यों की समीक्षा भी की जाएगी।

मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर ने नगर निगम के जनप्रतिनिधियों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों से विकास कार्यों की फीडबैक भी ली।

इस अवसर पर पूर्व विधायक सोहन लाल, कांग्रेस की मंडी से प्रत्याशी रही चंपा ठाकुर, नगर निगम के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

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