कुल्लू टूडे
बिलासपुर/कश्मीर ठाकुर
घुमारवीं उपमंडल में पूर्व खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेंद्र गर्ग ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के अंदर एसीसी और अंबुजा फैक्ट्रियों के ऊपर ताला लगे हुए काफी समय हो गया। लेकिन अभी तक इस मसले का हल नहीं हो निकल सका। इसके कारण हजारों लोगों का व्यवसाय खत्म हो गया है। जहां ट्रक ऑपरेटरों को किस्त देना मुश्किल हो गया है।
वहीं इसके अलावा छोटी से टायर पंचर की दुकान से लेकर ढाबे और अन्य कारोबार करने वाले लोगों को जीवन यापन करना मुश्किल हो चुका है। अपने परिवार को भरण पोषण करने वाले लोगों को अपने भविष्य की चिंता सता रही है। यही नहीं हिमाचल में बनने वाले इस सीमेंट से प्रदेश को जो एक कर मिलता है उस कर से भी छुट्टी हो गई है।
गर्ग ने कहा कि एक माह हिमाचल प्रदेश में सरकार बने हुए हो गया है। लेकिन सरकार इस मसले को हल कराने में विफल है।
उन्होंने कहा कि सरकार जल्दी से जल्दी इसे गंभीरता से समझे और सीमेंट कंपनियों के साथ बातचीत करके तथा सरकार की शक्ति का प्रयोग करके इनके साथ इस समस्या का जल्दी हल निकालें ताकि जो हमारे ट्रक ऑपरेटर और अन्य व्यवसायी हैं उनकी रोजगार को बचाया जा सके।
उन्होंने कहा कि पूर्व में भी इन कंपनियों ने इस तरह का काम किया था जब भाजपा की सरकार सत्ता में थी। उस समय भाजपा सरकार ने सीमेंट कंपनियों से बातचीत करके उसकी बहाली करवाई थी।
उन्होंने कहा कि सरकार इस में सीधा हस्तक्षेप करते हुए इस मसले को सुलझाए। ताकि जो हजारों लोगों का व्यवसाय बंद हुआ है वह बहाल हो सके।
उन्होंने ट्रक ऑपरेटरों से कहा कि वह इस संघर्ष में वह उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सीमेंट फैक्ट्रियों के बंद होने से उत्पन्न हुई स्थिति का शीघ्र समाधान निकाले, ताकि सीमेंट के प्लांट बंद होने से जिन हजारों लोगों के रोजगार पर संकट छाया है, वह बच सके।
उन्होंने कहा कि एसीसी और अंबुजा कंपनी प्रबंधन ने बरमाणा तथा दाडलाघाट स्थित फैक्ट्री को अचानक अनिश्चित काल के लिए बंद करने का निर्णय दुर्भाग्यपूर्ण है। सीमेंट के प्लांट बंद होने से हजारों लोगों का रोजगार छिन गया।
उन्होंने कहा कि भाजपा इस मुश्किल वक्त में उन सभी के साथ खड़ी है, जिनके रोजगार को मुश्किल हो गई है।
गर्ग ने कहा कि कांग्रेस सरकार को शुरुआती दौर में ही अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरी।
गर्ग ने कहा कि सरकार शीघ्र इस मामले का समाधान निकाले, ताकि इस व्यवसाय से जुड़े हुए लोगों को किसी प्रकार की दिक्कतों का सामना ना करना पड़े।
