कुल्लू टुडे
कुल्लू
जिला मुख्यालय कुल्लू स्थित क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में बीते दिनों प्रसूता महिला मंजू शर्मा की डिलीवरी के करीब 24 घंटे बाद हुई मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है।
घटना के विरोध में सोमवार को हजारों की संख्या में स्थानीय लोग अस्पताल परिसर पहुंचे और जोरदार रोष प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल प्रशासन और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई।
आक्रोशित भीड़ ने क्षेत्रीय अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक (एमएस) डॉ. हीरा लाल बौद्ध के कार्यालय का घेराव किया और पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि समय पर उचित उपचार और देखभाल मिलती तो प्रसूता की जान बचाई जा सकती थी। परिजनों ने मामले में कथित चिकित्सीय लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने कहा कि मृतका अपने पीछे एक नवजात बच्ची छोड़ गई है और परिवार को न्याय मिलना चाहिए।
उनका कहना था कि मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। अस्पताल परिसर में प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रही।
प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया और कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि प्रसूता मंजू शर्मा की डिलीवरी के लगभग 24 घंटे बाद मौत हो गई थी। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी रोष है तथा पूरे मामले की पारदर्शी जांच की मांग लगातार उठ रही है।
