कुल्लू टुडे
बिलासपुर, कश्मीर ठाकुर
इस संसार में विरले ही ऐसे लोग होते हैं जो अपनी धन-दौलत और सुख-सुविधाओं से ऊपर उठकर जनसेवा को अपना जीवन उद्देश्य बना लेते हैं।
दुनियां में अनेक लोगों के पास अपार संपत्ति होती है लेकिन परोपकार और जरूरतमंदों की सहायता में उनकी भागीदारी कम ही देखने को मिलती है। ऐसे समय में कर्नल जसवंत सिंह चंदेल जैसी शख्सियत समाज के लिए प्रेरणा बनकर सामने आती है।
इसी कड़ी में मंजूषा सहायता केन्द्र कलोल के बारहवें स्थापना दिवस समारोह का आयोजन बड़े उत्साह और गरिमा के साथ किया गया।
इस समारोह में डॉ. कुलदीप कुमार (एमएस) ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत करते हुए कहा कि कर्नल जसवंत सिंह चंदेल ने अपनी युवावस्था में देश की सेवा की और अब जीवन के इस पड़ाव पर जरूरतमंदों की सेवा कर समाज के लिए उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. लेख राम शर्मा ने की।
समारोह का शुभारंभ ज्योति प्रज्वलन के साथ हुआ जिसके बाद उपस्थित गणमान्य अतिथियों को सम्मानित किया गया। मुख्यातिथि द्वारा मंजूषा सहायता केन्द्र कलोल की स्मारिका का लोकार्पण भी किया गया।
इस दौरान केन्द्र की ओर से जरूरतमंद लाभार्थियों को कुल 1,01,000 रुपए की आर्थिक सहायता चेक के माध्यम से प्रदान की गई।
कार्यक्रम में बिलासपुर लेखक संघ के 32 सदस्यों ने भी भाग लिया। इस अवसर पर संघ की वरिष्ठ सदस्या सुषमा खजूरिया की पुस्तक “जड़ों की ओर” का विमोचन भी किया गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत गांव मनण की महिला कलाकारों ने पारंपरिक गिद्दा नृत्य प्रस्तुत कर माहौल को जीवंत बना दिया।
साहित्यिक सत्र में लेखक संघ के सदस्यों ने हिंदी एवं कहलूरी भाषा में अपनी नव रचित कविताओं का पाठ कर कार्यक्रम को साहित्यिक रंग दिया।
समारोह के अंत में मंजूषा सहायता केन्द्र कलोल के अध्यक्ष कर्नल जसवंत सिंह चंदेल ने परोपकार के महत्व पर प्रकाश डाला। अंत में दोपहर के प्रीति भोज के साथ कार्यक्रम का सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम में जिला मंडी, हमीरपुर और बिलासपुर से बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक अधिकारी एवं विशिष्ट अतिथि सहित स्थानीय लोगों की भी भागीदारी रही।
