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कुल्लू टूडे

बिलासपुर, कश्मीर ठाकुर

दृढ़ संकल्प, निरंतर परिश्रम और आत्मविश्वास हो तो सफलता पहली ही कोशिश में कदम चूम सकती है।

इस कथन को ग्रामीण परिवेश में पली-बढ़ी भराथू गांव की बेटी रशमी ठाकुर ने अपने अथक परिश्रम और अटूट लगन से साकार कर दिखाया है।

रशमी ठाकुर ने भारतीय स्टेट बैंक की प्रोबेशनरी ऑफिसर परीक्षा में पहले ही प्रयास में सफलता प्राप्त कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

जिला बिलासपुर के गांव भराथू निवासी माता सुनीता देवी और पिता रमेश ठाकुर की बेटी रशमी ठाकुर की इस उपलब्धि से गांव में खुशी और गर्व का माहौल है।

उनकी सफलता ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों के लिए विशेष रूप से प्रेरणास्रोत बनी है, जो बड़े सपने लेकर आगे बढ़ना चाहती हैं।

रशमी के माता-पिता ने बताया कि वह शुरू से ही मेहनती, अनुशासित और अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तरह समर्पित रही हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने कभी अपने सपनों को कमजोर नहीं पड़ने दिया।

रश्मि कई बार प्रतिदिन 9 से 12 घंटे तक नियमित अध्ययन करती रहीं। समय प्रबंधन, सकारात्मक सोच और निरंतर अभ्यास के बल पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया।

रशमी के पिता रमेश ठाकुर बरमाना स्थित एसीसी सीमेंट प्लांट के पैकिंग हाउस में कार्यरत हैं।

साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से होने के बावजूद रश्मि ने अपने दृढ़ निश्चय से यह साबित कर दिया कि कठिन परिस्थितियाँ भी सफलता की राह नहीं रोक सकतीं।

रशमी ठाकुर ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा से लेकर प्लस टू तक की पढ़ाई राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घागस से की।

इसके बाद उन्होंने वर्ष 2020 में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बिलासपुर से बीएससी नॉन-मेडिकल की पढ़ाई पूरी की। बैंकिंग क्षेत्र में रुचि होने के कारण उन्होंने वर्ष 2021-22 में शिमला में कोचिंग ली।

इस दौरान कई बार ऐसा समय भी आया जब सफलता दूर नजर आई, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और 2023 -24 में घर पर ही यूट्यूब के माध्यम से स्वयं अध्ययन जारी रखा।

अगस्त माह में उन्होंने लिखित परीक्षा में सफलता हासिल की, जबकि 26 नवंबर को उनका पर्सनल इंटरव्यू हुआ।

अंततः पहले ही प्रयास में एसबीआई प्रोबेशनरी ऑफिसर बनकर उन्होंने अपना सपना साकार कर लिया।

रशमी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, 85 वर्षीय दादी कमला देवी, शिक्षकों और मार्गदर्शकों को दिया।

उन्होंने कहा कि शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। जब माता-पिता का स्नेह और आशीर्वाद साथ हो, तो कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है। यह तभी संभव है जब संतान के मन में माता-पिता के प्रति अटूट प्रेम और अनुशासन हो।

गांव भराथू के लोगों ने रशमी ठाकुर को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

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