कुल्लू टूडे
बिलासपुर, कश्मीर ठाकुर
बिलासपुर जिले के सदर विधानसभा क्षेत्र के लघट गांव में चिट्टा जैसे खतरनाक नशे की बढ़ती पकड़ को देखते हुए महिलाओं ने स्वयं सुरक्षा की कमान संभाल ली है।
महिला मंडल लघट से जुड़ी महिलाओं ने नशा तस्करों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से रात्रि निगरानी व्यवस्था शुरू कर दी है, ताकि गांव का माहौल सुरक्षित रखा जा सके और युवा पीढ़ी को इस जहर से दूर रखा जा सके।
महिलाओं का कहना है कि रात होते ही बाहरी लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है और इसी का फायदा उठाकर नशा तस्कर युवाओं को अपने जाल में फंसाने की कोशिश करते हैं। लघट गांव दो पंचायतों बैरी रजादियां और बरमाणा के बीच संपर्क का मुख्य मार्ग है।
बरमाणा औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहां दिन-रात वाहनों की आवाजाही रहती है, जिससे नशा माफिया की गतिविधियों के लिए यह इलाका आसान रास्ता बन गया है।
ग्रामीण महिलाओं के अनुसार हाल ही में बने लिंक रोड पर रात के समय सन्नाटा रहता है। इसी सुनसान का फायदा उठाकर तस्कर इस मार्ग को नशे की सप्लाई के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।
कई बार स्कूली बच्चों और युवाओं को इस रास्ते पर बहकाने की कोशिश भी की गई, जिसके बाद महिलाओं ने संगठित होकर पहरा देने का फैसला लिया।
महिला मंडल की इस मुहिम को गांव के लोगों का भी पूरा समर्थन मिल रहा है। कई ग्रामीण रात के समय महिलाओं के साथ पहरे में शामिल हो रहे हैं।
जबकि अन्य लोग गांव में आने-जाने वालों पर नजर रखते हुए किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत महिला मंडल या पुलिस तक पहुंचाने का भरोसा जता रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि नशे के खिलाफ आज सख्ती नहीं दिखाई गई तो आने वाले समय में इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
महिला मंडल की प्रधान पिंकी शर्मा ने बताया कि नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को तबाह कर देता है।
उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन के साथ-साथ समाज की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। यदि गांव या आसपास कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखाई देता है तो उसे रोका जाएगा और तत्काल पुलिस को सूचित किया जाएगा।
महिला मंडल ने साफ शब्दों में कहा है कि नशे का कारोबार करने वालों और उन्हें संरक्षण देने वालों के लिए गांव में कोई स्थान नहीं है। जरूरत पड़ी तो महिलाएं एकजुट होकर और कड़े कदम भी उठाएंगी।
इस अभियान में उर्मिला देवी, कुसुमलता, अंजू शर्मा, कंचन चंदेल, मीरा देवी, सपना देवी, रीना देवी सहित अन्य महिलाएं लगातार सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
महिलाओं की यह सामूहिक और साहसिक पहल न केवल लघट गांव में सुरक्षा और जागरूकता का माहौल बना रही है, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लिए भी यह संदेश दे रही है कि समाज की एकजुटता से नशे के खिलाफ मजबूत और असरदार लड़ाई लड़ी जा सकती है।
