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कुल्लू टूडे

केलांग

लाहौल-स्पीति जिले में हाल ही में हुई वर्षा, बाढ़ एवं भूस्खलन से प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत पहुँचाने हेतु उपायुक्त लाहौल-स्पीति किरण भड़ाना ने प्रभावितों से RMS Portal पर ऑनलाइन माध्यम से लोक मित्र केंद्र से आपदा सहायता राशि हेतु आवेदन करने की पुन: की अपील की।

उपायुक्त ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में जीवन, संपत्ति, फसलों एवं पशुधन को हुए नुकसान का त्वरित आकलन किया जाए तथा उपलब्ध एसडीआरएफ (SDRF) निधि से प्रभावित परिवारों तक समयबद्ध राहत राशि पहुँचाना सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि विस्तृत राहत प्रकरण निर्धारित मानकों के अनुरूप तैयार कर आरएमएस (RMS) पोर्टल पर अपलोड किए जाएं और मान्य राहत राशियों का वितरण गृह मंत्रालय भारत सरकार व राज्य सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाए।

उन्होंने आम जनता से जिनका भी इस आपदा में किसी प्रकार का नुकसान हुआ है उनसे ऑनलाइन माध्यम से लोक मित्र केंद्र से आपदा सहायता राशि हेतु आवेदन करने का आग्रह किया है।

इसके अतिरिक्त, उन्होंने बताया कि मानसून 2025 के दौरान वर्षा, बाढ़ व भूस्खलन से हुए नुकसानों के लिए राज्य सरकार द्वारा विशेष राहत पैकेज अधिसूचित किया गया है।

इस पैकेज के अंतर्गत प्रभावित परिवारों को निम्नलिखित सहायता उपलब्ध करवाने का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने बताया कि पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकान हेतु अधिकतम सात लाख तक की सहायता आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकान हेतु एक लाख, दुकान/ढाबा क्षति पर एक लाख, किरायेदार की वस्तुओं की क्षति पर 50 हजार तथा मकान मालिक की वस्तुओं की क्षति पर 70 हजार गौशाला क्षति (70% से अधिक) पर 50 हजार, पॉलीहाउस क्षति पर 25 हजार, कृषि भूमि क्षति पर 10 हजार प्रति बीघा एवं फसल क्षति पर 4 हजार रुपये प्रति बीघा, बड़े पशुओं की मृत्यु पर 55 हजार प्रति पशु तथा छोटे पशुओं की मृत्यु पर 9 हजार प्रति जानवर सहायता राशि प्रदान करने का प्रावधान किया गया है।

इसके अतिरिक्त उन्होंने बताया कि अन्य प्रावधानों में कपड़े, बर्तन एवं घरेलू सामान की क्षति पर केंद्र सरकार से 2,500 रूपये तथा राज्य सरकार से अधिकतम 15 हजार रुपये तक राहत, आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त पक्के मकानों हेतु 12,500 रूपये तथा कच्चे मकानों हेतु 10 हजार रुपये, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं घराटों की क्षति पर अधिकतम 10 हजार रुपए, दुकानों की क्षति की स्थिति में किराये की दुकानों के मामले में अधिकतम 25 हजार तक राहत।

मकान से जुड़े पशु शेड्स की क्षति पर केंद्र सरकार की ओर से 3 हजार रुपये तथा राज्य सरकार की ओर से अधिकतम 10 हजार रुपए प्रति शेड सहायता का प्रावधान है।

उन्होंने बताया कि कृषि एवं बागवानी फसलों की क्षति पर 50-75 प्रतिशत नुकसान होने की स्थिति में 300 रुपए प्रति बीघा तथा 75% से अधिक नुकसान पर 500 रुपए प्रति बीघा सहायता, अधिकतम सीमा 7,000 रुपए प्रति परिवार का प्रावधान है।

उपायुक्त ने बताया कि पंचायत सचिव और पटवारी को आपदा राहत मामलों के ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया हेतु आम जनता की सहायता के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

संबंधित पंचायत सचिव आपदा राहत मामलों को ऑनलाइन दर्ज करेंगे और पटवारी आम जनता की भूमि व राजस्व संबंधी दस्तावेजी प्रक्रियाओं में मदद करेंगे।

उपायुक्त ने कहा कि प्रदेश सरकार आपदा प्रभावित परिवारों को शीघ्र, पारदर्शी एवं निष्पक्ष सहायता राशि उपलब्ध करवाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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