कुल्लू टूडे
बिलासपुर, कश्मीर ठाकुर
श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर डियारा सेक्टर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का माहौल पूरी तरह भक्ति रस में डूबा हुआ है।
बुधवार को कथा वाचक आचार्य नीरज शर्मा ने श्रद्धालुओं को भगवान गणेश जी के बारह नामों का महत्व बताते हुए कहा कि गणपति की वंदना से ही सभी कार्य सफल होते हैं और जीवन से विघ्न बाधाएँ दूर हो जाती हैं।
भावपूर्ण शैली में आचार्य ने जब सुमुख, एकदंत, कपिल, गजकर्णक, लंबोदर, विकट, विघ्नराज, धूम्रवर्ण, भालचंद्र, विनायक, गणपति और गजाननकृ इन बारह नामों का उच्चारण करायाए तो पूरा पंडाल गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से गूंज उठा। उन्होंने समझाया कि ये नाम केवल उपनाम नहीं बल्कि जीवन जीने के गहरे संदेश हैं।
आचार्य नीरज ने कहा कि सुमुख हमें सकारात्मक विचारों की ओर प्रेरित करता है, एकदंत एकाग्रता का प्रतीक है, जबकि लंबोदर धैर्य और सहनशीलता की शिक्षा देता है।
विघ्नराज सभी संकटों को हरने वाले हैं और उनके नाम स्मरण से हर कार्य सुगम हो जाता है।
मंदिर परिसर को फूलों और रोशनियों से सजाया गया है। कथा स्थल पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
श्रद्धालुओं ने कथा के बाद कहा कि आचार्य के मुखारविंद से गणेश जी के नामों का वर्णन सुनना आत्मा को शांति देने वाला अनुभव था। कार्यक्रम का समापन 31 अगस्त को पूर्णाहुति और भंडारे के साथ होगा।
