कुल्लू टूडे
बिलासपुर, कश्मीर ठाकुर
प्रदेश पैंशनर्ज वेल्फेयर एसोसिएशन जिला बिलासपुर के चुनिंदा प्रधान जगदीश दिनेश व महासचिव नरोत्तम धीमान ने संयुक्त वक्तव्य में जनवरी 2016 से पहले सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पैंशन पुनर्निर्धारण मामलों की स्वीकृति की अति धीमी गति पर गहरी चिन्ता व्यक्त की है।
प्रैस को जारी बयान में उन्होंने महालेखाकार शिमला से अनुरोध किया है कि उम्र के इस पड़ाव पर सेवानिवृत्त वरिष्ठ और वरिष्ठत्तम नागरिकों के पैंशन पुनर्निर्धारण मामलों में इस प्रकार की देरी अवांछनीय है।
कुछ मामले तो दो या अढ़ाई वर्षों या इससे भी अधिक समय से महालेखाकार के कार्यालय में लम्बित पड़े हैं। कई वरिष्ठ एवं वरिष्ठत्तम पैंशनर्ज स्वीकृति की प्रतीक्षा में संसार छोड़कर लम्बी यात्रा पर चले गए।
इसके अतिरिक्त बहुत से मामले अभी तक महालेखाकार कार्यालय को स्वीकृति हेतु प्रेषित ही नहीं हुए हैं। बार बार अनुरोध के बावजूद भी बिलासपुर के कई नियन्त्रण अधिकारी एवं आहरण व वितरण अधिकारी इस मसले पर गंभीर नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि पैन्शन पुनर्निर्धारण के आदेश में स्पष्ट लिखा है कि पैंशन पुनर्निर्धारण उस कार्यालय के मुखिया की जिम्मेवारी है, जिस कार्यालय से कर्मचारी अथवा अधिकारी सेवानिवृत्त या स्वर्गवासी हुआ है।
उन्होंने पैंशनर्ज वेल्फेयर एसोसिएशन बिलासपुर की समस्त इकाइयों के प्रधान, सचिव तथा अन्य सभी पदाधिकारियों से भी अनुरोध किया है कि वे सब अपने-अपने क्षेत्र में पैंशन पुनर्निर्धारण लाभ से वंचित पैन्सनर्ज की पहचान कर सम्बंधित अधिकारियों से मिलकर एइस प्रकार के सभी मामलों, विशेषकर फैमिली पैंशनर्ज के मामलों को उपरोक्त आदेशों को शिमला प्रेषित करें ताकि इसका लाभ सभी पैंशनर्ज को मिल सके।
उन्होंने जिला बिलासपुर के सभी आहरण व वितरण अधिकारियों से आग्रह किया है कि अपने अपने अधीन कार्यालय मेें जनवरी, 2016 से पहले सेवानिवृत्त पैंशनर्ज के उपरोक्त आदेशानुसार केस बनाकर महालेखाकार कार्यालय शिमला को प्रेषित करें और साथ ही महालेखाकार शिमला से भी अनुरोध है कि उनके कार्यालय में पंहुचने वाले तथा पंहुच चुके पैंशन पुनर्निर्धारण के सभी मामलों को शीघ्रातिशीघ्र स्वीकृति प्रदान कर वरिष्ठ पैंशनर्ज को चिरलम्बित वित्तीय लाभ से लाभान्वित करें।
