कुल्लू टूडे
बिलासपुर, कश्मीर ठाकुर
कांग्रेस पार्टी के राज्य महासचिव एवं पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने आश्चर्य व्यक्त किया है कि यद्यपि इतने दिन बीत जाने पर भी भाजपा के किसी भी बड़े नेता ने और विशेष रूप से पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पालमपुर से 24 मार्च को शांता कुमार द्वारा दिये गए वक्तव्य पर कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी है।
हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री तो हिमाचल की हर छोटी-बड़ी घटना पर सजगता दिखाते हुए सदा मीडिया की सुर्खियों में बने रहते हैं।
बंबर ठाकुर ने कहा कि शांता कुमार दो बार प्रदेश के मुख्यमंत्री व एक बार केंद्र में मंत्री तथा उससे भी बढ़ कर पूर्वकाल में जनसंघ के माध्यम से भाजपा के आधार स्तंभों में गिने जाते हैं।
इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें पार्टी मार्गदर्शक मण्डल का सदस्य बनाया है। यही कारण है कि अपनी 90 वर्ष की आयु में पहुंच कर अपनी विवशता प्रकट करते हुए उन्होने जो प्रश्न उठाए हैं, भाजपा को उनका अवश्य जबाव देना चाहिए और उनसे कन्नी नहीं काटनी चाहिए।
बंबर ठाकुर ने कहा कि शांता कुमार ने कहा है कि आँखों से कुछ आँसू तो निकाल सकते हैं परंतु मुंह से शब्द नही, पार्टी मेरी प्रदेश मेरा जो कुछ हो रहा है उस पर कुछ नहीं बोल पा रहा हूँ , कुछ नहीं बोलूँगा।
बंबर ठाकुर ने कहा कि यह मानसिक स्थिति भाजपा के एक वरिष्ठतम नेता की विवशता से निकली हुई दिल की आवाज है और इस समय उनकी पार्टी के प्रति प्रतिबद्धता और उनके अपने सिद्धांतों के बीच आंतरिक टकराव चल रहा है और उसका ही यह वास्तविक प्रकटीकरण हैं।
उन्होने कहा कि शांता कुमार ने सदैव सिद्धांतों की राजनीति की है किन्तु उन्होने देख लिया है कि उनकी पार्टी भाजपा ने अब सभी सिद्धांतों को ताक पर रख कर सत्ता पाने को एन,केन, प्रकारेण सभी सिद्धांतों को तिलांजलि देकर उस रास्ते पर चली है जिस पर कभी कोई सोच भी नहीं सकता है।
