12 फरवरी से शुरू होगा विंटर वैकेशन स्कूलों में नया शैशन, 30 दिन बाद अभिभावकों के साथ बैठक करेंगे शिक्ष
कुल्लू टूडे
शिमला
हिमाचल प्रदेश में 5500 से अधिक विंटर वैकेशन स्कूल हैं। 12 फरवरी से विंटर वैकेशन स्कूलों में नया सैशन शुरू हो रहा है, ऐसे में विभाग ने स्कूलों को पढ़ाई को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है।
इसके तहत स्कूलों को महीने के शुरूआती 15 दिनों में हिंदी, अंग्रेजी तथा गणित विषय पर फोकस करने को कहा गया है।
हर दिन शुरू के 2 घंटों में छात्रों को हिंदी, अंग्रेजी तथा गणित विषय की बुनियादी पढ़ाई करवानी होगी।
सत्र के पहले ही दिन से स्कूलों को पढ़ाई शुरू करनी होगी। शिक्षकों को भाषा तथा गणित विषय में छात्रों के स्तर पिछले शैक्षणिक सत्र की एंडलैस असैसमैंट के आधार पर पहचानने को कहा गया है।
साथ ही एंडलाइन के माध्यम से बच्चों की सीखने में आई कमियों को पहचानने और इन्हीं के अनुसार कदम उठाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा शिक्षकों को लगातार छात्रों के लर्निंग आऊटकम जांचने होंगे। कमजोर छात्रों को शुरू से ही निदानात्मक शिक्षण करवाने के आदेश दिए गए हैं।
30 दिनों के बाद शिक्षक अभिभावकों के साथ बैठक करेंगे, जिसमें छात्रों की उपलब्धियों को सांझा किया जाएगा। पूरी कक्षा को भाषा एवं गणित के अधिगम स्तर के अनुसार समूहों में विभाजित करना होगा।
पढ़ाई में कमजोर छात्रों के साथ शिक्षक अधिक समय बिताएंगे और समझ के साथ पढ़ने वाले बच्चों को अन्य छात्रों की मदद के लिए प्रेरित करेंगे।
मूल्यांकन के आधार पर शिक्षक यह सुनिश्चित करेंगे कि बच्चे सीख रहे हैं और नियमित रूप से अगले स्तर में जा रहे हैं।
इस दौरान छात्रों को पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तकों का फायदा उठाने को कहा गया है। स्कूलों में सुबह की सभा में पढ़ने की तथा रचनात्मक लेखन की गतिविधियां करवाई जाएंगी।
बच्चों की रचनात्मकता तथा सृजनात्मकता को नोटिस बोर्ड, डिस्प्ले बोर्ड पर प्रदर्शित करना होगा।
उच्च कक्षाओं में हैल्थ एंड वैलनैस पर इंट्रैक्टिव सत्र आयोजित होंगे
उच्च कक्षाओं में हैल्थ एंड वैलनैस पर इंट्रैक्टिव सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों को छात्रों के अधिगम स्तर में वृद्धि के बारे में शिक्षकों को अभिभावकों के साथ नियमित चर्चा करनी होगी।
साथ ही बच्चों की पढ़ने, लिखने तथा गणित में बेहतर प्रदर्शन करने पर उनके पोर्टफोलियो बनाने होंगे।
स्कूलों में यह सभी गतिविधियां एक साथ करवाई जाएंगी। कक्षा का संचालन समूहों में करवाया जाएगा।
