कुल्लू टूडे
भुंतर
प्रदेश सरकार द्वारा मंत्रिमंडल में बिजली महादेव रोपवे को लगाने के फैसले के विरोध के स्वर उठने शुरू हो गए है।
जिया पंचायत के प्रधान व बिजली महादेव रोपवे संघर्ष समिति के सदस्य संजीव शर्मा (संजू पंडित) ने मीडिया को जारी बयान में कहा कि सरकार द्वारा बिजली महादेव रोपवे को लगाने के फैसले का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि सर्वविदित है कि बिजली महादेव ने देववाणी के माध्यम से रोपवे लगाने के लिए मना किया था।
लेकिन प्रदेश सरकार ने एक ओर जहां देव आज्ञा को दरकिनार करते हुए एक बार फिर से बिजली महादेव रोपवे को स्वीकृति देकर देव आज्ञा का अपमान किया है।
वहीं दूसरी ओर देवी देवताओं में आस्था रखने वाले हजारों लोगों की आस्था को भी ठेस पहुंचाई है।
गौरतलब है कि कुछ समय पहले रोपवे के विरोध में खराहल घाटी के साथ कशावरी फाटी सहित कुल्लू शहर के हजारों लोगों ने जिला मुख्यालय में जोरदार प्रदर्शन किया था।
जिसमें स्थानीय जनता के साथ व्यापार मंडल कुल्लु ने पूरा बाजार बंद करके इस विरोध प्रदर्शन को समर्थन दिया था।
संजीव शर्मा ने कहा कि सर्वविदित है कि बिजली महादेव ने देववाणी के माध्यम से रोपवे लगाने के लिए मना किया था। लेकिन देव आज्ञा को दरकिनार कर सरकार ने रोपवे लगले की मंजूरी दी है जिसका देवसमाज, और कुल्लु घाटी के लोगों में काफी रोष है।
उन्होंने कहा कि जिला के प्रमुख देव स्थल (बिजली महादेव) को सरकार एक पर्यटक स्थल में बदलने की कोशिश की जा रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि देव भूमि कुल्लू में देववाणी और देव संस्कृति का सम्मान करना सरकार का कर्तव्य है और सरकार को जन भावनाओं का समान करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर देव स्थलों से छेड़छाड़ करने से सरकार को परहेज करना चाहिए।
उन्होंने प्रदेश सरकार को चेताया है कि अगर सरकार द्वारा बिजली महादेव रोपवे लगाने के निर्णय को वापस नहीं लिया गया तो पहले से भी ज्यादा उग्र धरना प्रदर्शन होंगे। जिसकी जिम्मेवारी प्रदेश सरकार की होगी।
