कुल्लू टूडे
बिलासपुर, कश्मी ठाकुर।
घुमारवीं के पुराना बस स्टैंड पर हर साल शारदीय नवरात्रों में खेली जाने वाली राम लीला का बीती रात शुभारंभ हो गया।
इस अवसर पर घुमारवीं विस क्षेत्र के विधायक राजेश धर्माणी ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।
उन्होंने राम लीला कमेटी को बधाई प्रेषित करते हुए इस आयोजन की सफलता की कामना की।
समिति के प्रधान संजय शर्मा और अन्य पदाधिकारियों ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा उन्हें स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
अपने संबोधन में विधायक राजेश धर्माणी ने कहा कि वर्तमान हालातों में यह जरूरी हो गया है कि भगवान राम द्वारा बताए गए मार्ग पर चलें तथा उनकी शिक्षाओं पर अनुसरण करें।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों में बड़ों के साथ बच्चों और युवा पीढ़ी का जुड़ना अच्छे संकेत हैं।
उन्होंने कहा कि रामायण में गृहस्थ में होने वाले सभी प्रकार के कर्मों और मर्यादायों के बारे में विस्तार से वर्णन किया है। प्रभु राम का राम से मर्यादा पुरूषोतम बनने की कहानी भी इसी में समाहित है।
राम लीला के पहले दिन दर्शकों का भारी हुजूम उमड़ा। राम लीला की पहली संध्या में कुल दस दृश्य प्रस्तुत किए।
प्रथम दृश्य में देवताओं ने भगवान विष्णु से अत्याचारी रावण से बचाने की याचना की जिस पर भगवान विष्णु ने जल्द ही राम के रूप में पृथ्वी पर अवतरित होने का वचन दिया।
द्वितीय दृश्य में नारद की भक्ति से डर कर इंद्र द्वारा भेजे गए कामदेव व रंभा ने नारद की तपस्या भंग करने का प्रयास किया। लेकिन नारद की तपस्या को भंग न कर पाए और माफी मांग कर वापिस चले गए।
कामदेव द्वारा माफी मांग कर जान छुड़ाने पर नारद अभिमान से अपनी विजय का समाचार सुनाने भगवान शिव के पास फिर ब्रह्मा जी के पास और शिव के द्वारा समझाने के बावजूद भगवान विष्णु के पास चले जाते हैं।
भगवान विष्णु द्वारा भक्त के मन में अहंकार को बढ़ते देख और देवताओं को दिए अपने वचनों को पूरा करने के लिए लक्ष्मी जी की सहायता से विश्वमोहिनी स्वयंवर में नारद को मांगने पर भी हरि रूप न देकर, वानर का रूप दे कर राम के रूप में पृथ्वी पर अवतरित होने के लिए नारद द्वारा दिए गए शाप को स्वीकार करते हैं।
उधर दूसरी ओर रावण कैलाश पर्वत पर मारीच के साथ कैलाश पर्वत को अपनी जगह से हटाने का प्रयास करते हैं।
परंतु शिव की शक्ति को पहचान कर अपनी गलती के लिए क्षमा मांगते हैं फिर शिव स्तुति कर उनसे चंद्रहास नामक तलवार इनाम स्वरूप पाते हैं। बढ़ी हुई शक्ति से रावण द्वारा वेदमती का अपमान करने से माता सीता के भी पृथ्वी पर अवतरित होने का मार्ग प्रशस्त होता है।
इस संध्या में भगवान विष्णु का किरदार अभिषेक टेस्सू ने निभाया जबकि रावण ज्योति प्रसाद, नारद भुवनेश गौतम, शिवजी विक्रांत ठाकुर, ब्रह्मा रविन्द्र शर्मा, नंदी केतन शर्मा, शिलनिधि अरविंद,
इंद्र सुरेश धीमान, यम भुवनेश कुमार, लक्ष्मी राहुल राणा, वायु जगरनाथ, मारीच मोहित शर्मा, अग्नि देव सुनील उप्पल बने।
वहीं संगीत विभाग में हारमोनियम रोशन लाल ने बेहतरीन संगीत दिया जबकि ढोलक पर रमेश कुमार ने साथ दिया। प्रधान संजय शर्मा ने बताया कि हर रोज शाम आठ बजे से मंचन कार्यक्रम शुरू होगा।
उन्होंने सभी नगर वासियों से इस आयोजन को सफल बनाने के लिए धन, मन और धन से सहयोग करने की अपील की।
इस अवसर सतीश गौतम, विशाल गुप्ता, पार्षद कपिल शर्मा, सुशील वर्मा, सतपाल, हरदेश ठाकुर, राहुल उप्पल आदि मौजूद थे।
