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कुल्लू टूडे

शिमला

जिला दण्डाधिकारी शिमला आदित्य नेगी ने सीआरपीसी की धारा 133 (1) (बी) में निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला के मेडिकल/फार्मेसी दवा विक्रेता, जो एच, एच1 तथा एक्स ड्रग विक्रेता है को अपनी दुकान में सीसीटीवी कैमरा स्थापित करने के लिए आदेश पारित किए है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग नई दिल्ली ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के सहयोग से बच्चों में नशीली दवाओं और मादक द्रव्यों के सेवन और अवैध तस्करी की रोकथाम के लिए एक संयुक्त कार्य योजना बनाई है जिसके तहत दवा बेचने वाले दवाई विक्रेताओं की बिक्री की निगरानी के लिए आवश्यक दिशा निर्देश जारी करना आवश्यक है ।

उन्होंने कहा कि मेडिकल/फार्मेसी की दुकानों के मालिकों को 15 दिनों के भीतर अपनी अपनी दुकानों में सीसीटीवी कैमरा स्थापित करने होंगे जिसके रिकॉर्ड की फुटेज जिला औषधि नियंत्रण प्राधिकारी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी या पुलिस प्राधिकारी द्वारा किसी भी समय चैक की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि जिला केे सभी औषधि निरीक्षकों को इस संबंध में सूचित कर दिया गया है जो समय समय पर मेडिकल/फार्मेसी की दुकानों का निरीक्षण करेंगे और तिमाही रिर्पोट जिला बाल संरक्षण अधिकारी को प्रस्तुत करने के साथ साथ एमआईएस पोर्टल पर भी डाटा अपलोड करना सुनिश्चित करेंगे।

उन्होंने कहा कि यदि कोई भी दवा विक्रेता सीसीटीवी कैमरा को स्थापित करने में आनाकानी करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कानून के तहत कार्यवाही अमल में लाई जाएगी ।

जिला दण्डाधिकारी शिमला ने आदेशों की सख्ती से अनुपालना के लिए पुलिस अधीक्षक शिमला, नगर निगम शिमला, शहरी स्थानीय निकाय के कार्यकारी अधिकारियों, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, समस्त उपमण्डलाधिकारियों, उप आयुक्त राज्य कर एवं उत्पाद शुल्क, जिला पंचायत अधिकारी, जिला कल्याण अधिकारी, ड्रग इंस्पेक्टरों तथा जिला बाल संरक्षण अधिकारी को आदेश जारी किए है।

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