कुल्लू टुडे
बिलासपुर, कश्मीर ठाकुर
जिला लघु उद्योग संघ ने नगर परिषद की ओर से कूड़ा निस्तारण की दरों में एकाएक की गई भारी बढ़ोतरी पर आपत्ति जताते हुए इसे अनुचित बताया है।
संघ के अध्यक्ष प्रेम डोगरा की अध्यक्षता में एक प्रतिनिधिमंडल ने नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी से मुलाकात कर इस संबंध में अपना विरोध दर्ज करवाया और दरों में की गई वृद्धि पर पुनर्विचार करने की मांग उठाई।
प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि कूड़ा निस्तारण की दरों में किसी भी प्रकार की बढ़ोतरी तर्कसंगत और उचित होनी चाहिएए ताकि स्थानीय व्यापारियों एवं लघु उद्योगों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल संघ के अध्यक्ष प्रेम डोगरा और महासचिव इंदर ठाकुर ने कहा कि कूड़ा निस्तारण नगर परिषद की एक आवश्यक सेवा है और इसके संचालन पर होने वाले खर्च को देखते हुए दरों में उचित बढ़ोतरी की जा सकती है। हालांकि, दरों को एकदम से बहुत अधिक बढ़ा देना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि दरों में वृद्धि करते समय व्यापारियों और उद्योग संचालकों की आर्थिक स्थिति तथा उनकी व्यावहारिक समस्याओं को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
प्रेम डोगरा और इंदर ठाकुर ने कहा कि छोटे उद्योगों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को पहले ही विभिन्न प्रकार के खर्चों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कूड़ा निस्तारण शुल्क में अचानक भारी बढ़ोतरी होने से उनके खर्च में अतिरिक्त इजाफा होगा।
उन्होंने कहा कि नगर परिषद को ऐसा निर्णय लेना चाहिए, जिससे स्वच्छता व्यवस्था भी सुचारू रूप से चलती रहे और व्यापारियों पर भी अनावश्यक आर्थिक दबाव न पड़े।
संघ के पदाधिकारियों ने मांग की कि कूड़ा निस्तारण की दरों में यदि वृद्धि करना आवश्यक है तो इसे सीमित रखते हुए अधिकतम 10 प्रतिशत तक ही बढ़ाया जाना चाहिए।
उनका कहना था कि शुल्क में बढ़ोतरी का आधार स्पष्ट होना चाहिए और इसे तय करते समय संबंधित वर्गों के हितों का ध्यान रखा जाना चाहिए। किसी भी शुल्क में अत्यधिक वृद्धि करने से पहले उसके प्रभावों का आकलन करना आवश्यक है।
प्रतिनिधिमंडल ने नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी के समक्ष अपनी आपत्तियां रखते हुए आग्रह किया कि दरों में की गई बढ़ोतरी पर दोबारा विचार किया जाए और ऐसा समाधान निकाला जाएए जो नगर परिषद तथा स्थानीय व्यापारिक एवं औद्योगिक वर्गए दोनों के लिए स्वीकार्य हो।
वहीं, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को सुनते हुए आश्वासन दिया कि कूड़ा निस्तारण की दरों में की गई वृद्धि के मामले पर पुनर्विचार किया जाएगा।
