Spread the love

कुल्लू टूडे

कुल्लू

जिला कुल्लू के माहौल पंचायत का एक और बेहद पेचीदा मामला सुलझा कर अन्तरास्ट्रीय मानवाधिकार महासंघ की टीम ने एक बिखरते परिवार को फिर से एक करके अपने बेहतरीन एवं नेक कार्य का परिचय दिया है।

गत रोज एक बुजुर्ग शेर सिंह सेवानिवृत्त पुलिस कांस्टेबल उम्र लगभग 68 वर्ष निवासी ग्राम पंचायत माहौल का एक प्रार्थनापत्र मानवाधिकार अंतरराष्ट्रीय महासंघ की राष्ट्रीय निदेशिका नीलम ठाकुर के पास लिखित रुप में आया था जिसमें पति शेर सिंह को उनकी धर्मपत्नी सावित्री देवी ने घर से निकाल दिया था और घर के गेट पर ताला लगा दिया था।

बता दें कि शेर सिंह हिमाचल प्रदेश पुलिस से हेड कॉन्स्टेबल के पद से सेवानिवृत्त हैं और बर्तमान मे जिला कुल्लू के मौहल मे अपनी दुसरी पत्नी के साथ रहते हैं।

उनकी पहली पत्नी की मृत्यु के बाद शेर सिंह जी ने दुसरी शादी की थी। उनकी वर्तमान पत्नी जो की पहले पति से तलाकशुदा औरत है उनसे यह सोचकर शादी की थी कि दोनो एक दुसरे की देखभाल करेंगे। लेकिन वर्ष 2016 के बाद से उनके बीच लडाई झगड़े शुरु हो गए और वे बढते ही गए।

शेर सिंह के ने लिखित में दिया है कि उनकी धर्मपत्नी सावित्री देवी उन पर अत्याचार करती है व उनका ख्याल नहीं रखती और मारपीट भी करती है। लोक लाज और समाज में अपनी इज्जत की खातिर वो हमेशा खामोश रहे।

शेर सिंह का कहना था कि उनकी पत्नी दूसरों के कहने पर चलती है।हद तो तब हो गयी जब सावित्री देवी ने उन्हें घर से बाहर निकाल कर मुख्य गेट पर ताला लगा दिया।

उसके बाद बुजुर्ग शेर सिंह कई दिनों तक इधर-उधर अपने रिश्तेदारों के घर रहते रहे। लेकिन कोई भी उनकी समस्या का समाधान नहीं कर पाया। फिर किसी ने उनको मानवाधिकार महासंघ के बारे में बताया और संपर्क करने की सलाह दी कि आपकी समस्या को सिर्फ वही लोग सुलझा सकते हैं।

शेर सिंह ने बड़ी उम्मीद के साथ मानवाधिकार अंतरराष्ट्रीय महासंघ की राष्ट्रीय निदेशिका नीलम ठाकुर से मिले और अपनी समस्या बता कर उनसे समाधान की विनती की।

नीलम ठाकुर ने बुजुर्ग शेर सिंह की बात को गौर से सुना,बसमझा व तुरंत मामले पर गंभीरता से संज्ञान लेकर अपनी टीम के साथ माहोल पंचायत में प्रधान इशरा देवी ,उप प्रधान रमेश कुमार तथा भुन्तर पुलिस की मौजूदगी में मामले की गहनता के साथ छानबीन की और उसके बाद दोनो पक्षों की समस्याओं को सुना।

लगभग 3 से 4 घन्टे तक चली पेचीदा कॉउंसलिंग के बाद प्रधान, उप प्रधान व भुंतर पुलिस के सहयोग से मामले को सुलझाया गया और नीलम ठाकुर ने अपनी टीम के साथ जाकर घर के मुख्य गेट का ताला खुलवाया।

शेर सिंह की धर्मपत्नी सावित्री देवी से लिखित में लिया गया कि वो भविष्य में अपने पति के साथ दुर्व्यवहार नहीं करेगी व दोनों पति पत्नी एक दूसरे के साथ प्यार से रहेगें तथा एक दूसरे का ख्याल रखेगें।

इस तरह से अंतराष्ट्रीय मानवाधिकार की टीम ने उम्र के इस पड़ाव में बुजुर्ग दंपति को फिर से एक कर के अपने बेहतरीन कार्य की मिसाल पेश की है।

दोनों पति पत्नी महासंघ का धन्यबाद कर खुश हैं। लिखित में हुए समझौते की प्रतिलिपि महासंघ की टीम ने दोनो पति पत्नी, ग्राम पंचायत माहौल एवं भुन्तर पुलिस को दे दी गयी है।

इस कॉउंसलिंग में ग्राम पंचायत माहोल के प्रधान, उप प्रधान,समस्त पंचायत सदस्य, भुंतर पुलिस के पुरूष व महिला कॉन्स्टेबल, मानवाधिकार अंतरराष्ट्रीय महासंघ के राज्य अध्यक्ष गोपीचंद चौहान, प्रदेश प्रधान गंगा राम,राष्ट्रीय निदेशिका नीलम ठाकुर सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

Leave a Reply

You missed

error: Content is protected !!