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कुल्लू टूडे

बिलासपुर/कश्मीर ठाकुर

इंटक से सम्बन्घित आल हिमाचल पीडब्ल्यूडी-आईपीएच एण्ड कन्ट्रैच्युल वर्करज युनियन की राज्य स्तरीय कार्यकारणी की बैठक लोक निर्माण विश्राम गृह पालमपुर जिला कांगडा में सीता राम सैनी की अध्यक्षता में संपन्न हुई।

बैठक में लोक निर्माण विभाग और जल शक्ति विभाग में कार्यरत कर्मचारियों की मांगों के बारे में चर्चा हुई। इस अवसर पर यूनियन ने अपनी कार्यकारिणी का विस्तार भी किया।

जिसमें मल्टी पर्पज वर्करज, एमपीडब्ल्यू पैरा फिटर और पैरा पम्प आप्रेटरो का राज्य प्रधान रजनीश चौधरी, वरिष्ठ उप प्रधान महेश शर्मा, उप प्रधान गौरव चन्देल और प्रवीण कुमार को महासचिव मनोनित किया गया।
प्रदेशाध्यक्ष सीता राम सैणी ने प्रैस को जारी बयान में मांगों का जिक्र करते हुए बताया कि सरकार मांग की गई कि जल शक्ति विभाग में पम्प आप्रेटरों के भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में संशोधन करके कोटा फिक्स किया जाए।

उन्होंने कहा कि 3 साल के डिप्लोमा होल्डर पम्प आपरेटर को 5 साल की रैगलुर सेवा करने के उपरान्त उसके ट्रेड के अनुसार (मेकैनिक, विधुतशियन और सिविल ), कनिष्ठ अभियंता, 2 साल के डिप्लोमा होल्डर पम्प आपे्रटर को 8 साल की रैगलुर सेवा करने के उपरान्त उसके ट्रेड के अनुसार (मेकैनिक, विधुतशियन और सिविल ) कनिष्ठ अभियन्ता, 1 साल के डिप्लोमा होल्डर पम्प आपे्रटर को 10 साल की रैगलुर सेवा करने के उपरान्त उसके ट्रेड के अनुसार (मेकैनिक, विधुतशियन और सिविल ) कनिष्ठ अभियन्ता और बिना डिप्लोमा होल्डर पम्प आप्रेटर को 15 साल की रैगुलर सेवा करने के उपरान्त फोरमैन और फिर कनिष्ठ अभियन्ता (मेकैनिक) पदोन्नत किया जाए।

उन्होंने कहा कि जल शक्ति विभाग मे मल्टीपरपज वर्कर, पैरा फिटर और पैरा पम्प आप्रेटर रखे गये है और उनके काम करने का समय 6 घण्टे निश्चित किया गया है जबकि विभाग उनसे 8 से 10 घण्टे प्रति दिन काम लेता है।

विभाग द्वारा 6 घण्टे काम करने की पाॅलसी को पूरी तरह गलत बनाया है जोकि श्रम कानून के विरूद्ध है। इन कर्मचारियों को सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन भी नहीं मिलता है।

इसके अलावा उन्होंने जल शक्ति विभाग में कार्यरत पम्प आपे्रटर हैल्पर को पदोन्नत करने, इसी विभाग में सरकारी ठेकेदारों और कंपनियों के अन्तर्गत प्रत्येक योजनाओं में कार्यरत कर्मचारियों को विभाग में मर्ज किया जाये, लोक निर्माण विभाग और जल शक्ति विभाग में कार्यरत कार्य निरिक्षको को जिन्होंने प्रारूपकार या सर्वेयर का डिप्लोमा पास किया है उन्हे पदोन्नत करके कनिष्ठ अभियन्ता बनाया जाये। इंटक ने सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू से न्याय की आस लगाई है।

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