कुल्लू टूडे
बिलासपुर/एचआर शर्मा
बिलासपुर के तीर्थ स्थल मार्कंडेय में हिमाचल प्रदेश के मठ, मंदिरों को लेकर एक बैठक आयोजित हुई जिसमें हिमाचल के कई जिलों के लोग उपस्थित हुए जबकि कुछ लोग ऑनलाइन जुड़े।
बैठक में हिमाचल प्रदेश के मठ और मंदिरों को सरकारी अधिग्रहण से मुक्त कराने बारे विचार विमर्श हुआ और प्रान्त मठ मंदिर प्रबंधन समिति तदर्थ हिमाचल प्रदेश का सर्वसम्मति से गठन किया गया।
बैठक में एक सर्वसम्मत प्रस्ताव में हिन्दू समाज के मंदिरों को हिमाचल प्रदेश में भी अन्य राज्यों की तरह हिन्दू समाज के मंदिरों को सरकारी अधिकार क्षेत्र से बाहर करने की मांग की गई।
समिति के संयोजक इन्द्र डोगरा ने कहा कि इस विषय को लेकर पिछले कुछ वर्षों से निरंतर उठाया जा रहा है जबकि इस बारे में ऑनलाइन बैठकें भी आयोजित की गई हैं।
उन्होने कहा कि रविवार को मंदिर मुक्ति अभियान से जुड़े लोगों ने तीर्थ स्थल मांर्कण्डेय में विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
इसके साथ ही प्रान्त मठ, मंदिर प्रबंधन समिति हिमाचल प्रदेश का सर्वसम्मति से गठन भी हुआ। जिसमें इंद्र सिंह डोगरा बिलासपुर को इस समिति का प्रान्त संयोजक मनोनित किया गया।
जबकि संतोष कुमार सोलन को प्रदेश मंत्री, अशोक सैनी को कोष प्रमुख, महेश ठाकुर को संगठन मंत्री और कश्मीर सिंह वर्मा को क़ानूनी सलाहकार मनोनित किया गया।
कार्यकारणी में देशराज शिमला मनोहर लाल शास्त्री बिलासपुर, देशराज चड्ढा शिमला, भूपेंद्र ठाकुर ऊना, देशबंधु कांगड़ा, डॉ रमेश शर्मा हमीरपुर, डॉ देवेंद्र गौड़ कुल्लू, डॉ मंगलेश चंबा, मस्तराम धीमान और देवेंद्र चौधरी मंडी को शामिल किया गया हैं।
बैठक में मंदिर मुक्ति अभियान के काम को गति देने के लिए आगे जिला स्तर पर समितियाँ बनाने का भी निर्णय लिया गया है।
