कुल्लू टूडे
दिल्ली
7 वीं सब जूनियर, जूनियर और सीनियर बोशीया नेशनल चैंपियनशिप का आयोजन स्पोर्ट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा 28 फरवरी से 5 मार्च 2023 तक राजपुताना राइफल सेंटर, दिल्ली में सफलतापूर्वक किया गया।
इस राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में भारत भर के विभिन्न 21 राज्यों के शारीरिक रूप से विकलांग व्हीलचेयर खिलाड़ियों ने भाग लिया।
अंतिम दिन पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे धीरज सेठ, जीसीओ दिल्ली ने कहा कि भारतीय सेना के सहयोग से जो पैरा ओलंपिक की लहर चल रही है। उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि यह सभी पैरा एथलीटों के लिए आशा की किरण साबित होगी।
इस मौके पर विशिष्ट अतिथि के तौर पर पहुंचे पीसीआई के महासचिव गुरशरण सिंह ने कहा कि इस बोशीया नेशनल चैंपियनशिप में जिन खिलाड़ियों ने जीत दर्ज की है, उनमें से जिन खिलाड़ियों का चयन एशियाई खेलों के लिए किया जाएगा, जो इस बार चीन में हो रही हैं उम्मीद है कि वे खिलाड़ी एशियाई टीमों से भारत के लिए पदक जीतेंगे।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे अशोक बेदी एडिशनल महासचिव पीसीआई एवं कार्यवाहक अध्यक्ष दिल्ली लता सिंह गुप्ता ने कहा कि भारत में इस नए खेल का बहुत तेजी से विस्तार हो रहा है जिसके लिए बोशीया इंडिया की टीम और सभी बोशीया खिलाड़ियों को बधाई के पात्र हैं।
इस मौके पर बोशीया इंडिया के अध्यक्ष जसप्रीत धालीवाल व महासचिव शमिंदर ढिल्लों ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि बोशिया इंडिया नेशनल चैम्पियनशिप में चार वर्ग बीसी4, बीसी3, बीसी2 और बीसी1 में भारत के 80 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया।
पहले दिन 28 फरवरी को हेड क्लासीफाइड डाॅ. रमनदीप सिंह व डॉ. नजीम खान ने खिलाड़ियों का वर्गीकरण किया। फिर 1 मार्च से 5 मार्च तक विभिन्न राज्यों के राज्य विजेता खिलाड़ियों के लिए प्रतियोगिताएं कराई गईं।
मुख्य कोच दविंदर सिंह टाफी व मीडिया प्रभारी प्रमोद धीर ने बताया कि इन प्रतियोगिताओं में बीसी 4 मेल से जतिन कुमार और महिला से पूजा गुप्ता हरियाणा ने गोल्ड मेडल, बीसी 3 पुरुषों में दिल्ली के सचिन चमरिया और महिलाओं में हिमाचल प्रदेश की अंजलि ने स्वर्ण पदक जीते।
बीसी2 मेल से जगदीश असम और कर्नाटक की गायत्री ने महिला वर्ग से स्वर्ण पदक और बीसी 1 में गुजरात के चौधरी गोबिंद बाई ने स्वर्ण पदक जीता।
इन सभी गोल्ड, सिल्वर और तांबे के मेडल विजेता खिलाड़ियों को मेडल और सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया। इस नेशनल चैंपियनशिप को सफलता पूर्वक करवाने में कर्नल अमरीक सिंह, कर्नल अमनदीप सिंह गिल, कमांडेंट अभिजीत चंद्रा, डॉ. नवजोत सिंह, डॉ. लक्ष्मी, मनप्रीत सिंह सेखों, रेफरी गुरप्रीत सिंह, जसविंदर हरियाणा अमनदीप सिंह, जसपाल बराड़, रेफरी यादविंदर ढंडवाल, जगरूप कोटली, डिप्टी झंडा खान, लवी शर्मा आदि और बोस्किया इंडिया की पूरी टीम का भरपूर योगदान रहा।
