कुल्लू टूडे
बिलासपुर/कश्मीर ठाकुर
शिवा इंटरनेशनल स्कूल झंडूता के शुभारंभ अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि मुख्यातिथि प्रशासनिक अधिकारी ओशिन शर्मा ने शिरकत की ने शिरकत की।
मुख्यातिथि ओशिन शर्मा ने स्कूल के मध्य भाग में स्थापित माँ सरस्वती की मूर्ति पूजन कर दीप प्रज्वलित कर पूजा अर्चना की।
कार्यक्रम का शुभारंभ हमीरपुर जिला के उभरते युवा गायक अकुंश अत्री की सरस्वती बन्दना से हुआ।
इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी ओशिन शर्मा ने कहा कि इससे पहले क्षेत्र के लोगों को अपने बच्चों को इंटरनेशनल स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने के लिए मिलों दूर जाना पड़ता था लेकिन अब उन्हें घर द्वार पर ही यह शिक्षा मुहैया कराई जाएगी।उन्होंने कहा कि स्कूल कमेटी के कंधों पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी बढ़ गई है।
उन्होंने कहा कि व्यक्ति के जीवन में पढ़ाई का दौर कठिन होता है। लड़का और लड़की में भेदभाव न कर उन्हें एक जैसी ही शिक्षा दें।
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ माता पिता अपने बच्चों को अंक कम्पटीशन में जबरदस्ती धकेलने का काम करते हैं जिससे बच्चों में सुसाइड जैसी घटनाएं सामने आ रही है। ऐसा न करके बच्चों की प्रतिभाओं को समझना चाहिए कि बच्चे किस क्षेत्र में रुचि रखते हैं।
उन्होंने कहा कि निजी और सरकारी स्कूलों के बच्चों में आपस में भेदभाव की भावना नहीं होनी चाहिए। जबकि इन स्कूलों के बच्चों में माह में एक बार बातचीत सांझा करना सुनिश्चित करना चाहिए।
इस दौरान युवा गायक अंकुश अत्री ने मैं मिट्टी में मिल जाऊं, काला घघरा, आयँ वो ललरिया जायँ पहाड़ी गीत गाकर खूब सराहा गया। वहीं जगदेव राणा नन्हे गायक ने ” ए मेरे वतन के लोगों गीत की प्रस्तुति दी।
गौरतलब है कि ओशिन शर्मा ने जिला बिलासपुर में 5 महीने अपनी प्रोबेल्शन ट्रेनिंग पूरी की है। जिस दौरान वह समाज में सामाजिक कुरीतियों को जड़ से उखाड़ने के लिए हमेशा कटिबद्ध रही हैं। जिसके चलते जिला बिलासपुर में लोगों के साथ उनका गहरा जुड़ाव रहा है।
इस अवसर पर शिवा गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल के कमेटी अध्यक्ष दिनेश चन्देल, उपाध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर, सचिव पंकज चन्देल, कोषाध्यक्ष अमित चन्देल, स्कूल प्रिंसिपल देश राज शर्मा, हि प्र राज्य सहकारी बैंक झंडूता के शाखा वरिष्ठ प्रबंधक सुनील चन्देल, नायब तहसीलदार जगदीश शर्मा, सुकुमार, दलेल सिंह चन्देल, सोनू चन्देल, प्रियंका चन्देल, रीमा, मीना, मनोहर महाजन,रणवीर ठाकुर, सुरेन्द्र ठाकुर, अनिता सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
