कुल्लू टुडे
बिलासपुर, कश्मीर ठाकुर
राज्य नशा निवारण बोर्ड के संयोजक एवं सलाहकार नरेश ठाकुर ने आज जिला बिलासपुर के घुमारवीं उपमंडल के अंतर्गत भगेड़ स्थित नशा निवारण केंद्र का औचक निरीक्षण किया।

उन्होंने स्टेट सीआईडी इंचार्ज कपिल व उनकी टीम के साथ केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान केंद्र में रखी गई विभिन्न फाइलों, रिकॉर्ड एवं आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई। इसके अतिरिक्त केंद्र में उपचाराधीन मरीजों को उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं, साफ-सफाई, खानपान, बाथरूम तथा उनके रहने के स्थान का भी बारीकी से निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान केंद्र में व्यवस्थाएं सामान्य रूप से संतोषजनक पाई गई, जबकि कुछ कमियां भी सामने आईं।
नरेश ठाकुर ने संबंधित प्रबंधन को इन कमियों को शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए, ताकि केंद्र में उपचाराधीन मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सके।

नरेश ठाकुर ने बताया कि राज्य नशा निवारण बोर्ड की ओर से पूरे हिमाचल प्रदेश में विभिन्न नशा निवारण केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जाएगा।
इस दौरान केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं, साफ-सफाई, खानपान, मरीजों के रहने की व्यवस्था तथा आवश्यक दस्तावेजों की जांच के साथ निर्धारित मापदंडों के अनुपालन का भी आकलन किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, केंद्रों में मरीजों के प्रवेश एवं आवेदन की प्रक्रिया सहित अन्य आवश्यक पहलुओं की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इसका उद्देश्य केंद्रों की कार्यप्रणाली में सुधार लाना और उपचाराधीन मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना है।

उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए उपचार के साथ-साथ जनजागरूकता भी बेहद आवश्यक है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देशानुसार प्रदेशभर के स्कूलों, पंचायतों और कॉलेजों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।

इन शिविरों के माध्यम से युवाओं और आमजन को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

नरेश ठाकुर ने कहा कि नशे की लत से प्रभावित व्यक्तियों को उचित उपचार और परामर्श उपलब्ध करवाने के साथ-साथ उन्हें दोबारा समाज की मुख्यधारा से जोड़ना भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके लिए नशा निवारण केंद्रों में मरीजों की उचित देखभाल, बेहतर वातावरण और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करना जरूरी है।

प्रदेशभर में किए जा रहे औचक निरीक्षणों के माध्यम से केंद्रों की व्यवस्थाओं का आकलन कर आवश्यक सुधार किए जाएंगे, ताकि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार एवं पुनर्वास की सुविधाएं मिल सकें।

उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में सरकारी प्रयासों के साथ समाज की भागीदारी भी आवश्यक है। जन जागरूकता, बेहतर उपचार और प्रभावी पुनर्वास के माध्यम से नशे की समस्या पर अंकुश लगाने तथा नशामुक्त हिमाचल प्रदेश के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जा सकते हैं।
