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कुल्लू टूडे

बिलासपुर/ कश्मीर ठाकुर

बिलासपुर सदर सदर विस क्षेत्र के विधायक त्रिलोक जम्वाल ने विधान सभा चुनावों के प्रतिद्वंदी पूर्व विधायक द्वारा की जा रही व्यक्तिगत बयानबाजी पर पर पलटवार किया है।

उन्होंने पूर्व विधायक चुनावी हार से अपना मानसिक संतुलन खो बैठे हैं। इसलिए उनके परिजनों को उनका मानसिक उपचार करवाना चाहिए। वह यहां पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।

विधायक त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि उन्होंने विस चुनावों में बिलासपुर सदर विस क्षेत्र को चिटटे के नशे से मुक्त करवाने का वादा किया था कि यहां से चिटटे का अवैध धंधा करने वालों के खिलाफ कडी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। आठ दिसंबको चुनाव के नतीजे आए थे और चार जनवरी को शपथ ली थी।

इसके बाद जिला के प्रशासनिक अधिकारियों से बैठक करके चिट्टे के कारोबारियों के विरूद्ध कार्रवाई करने के लिए एक विशेष रणनीति तय की थी। इसी रणनीति के तहत पिछले 17 दिनों के अंदर 370 ग्राम चिट्टा पकड़ा और इस आरोप में 20 आरोपित गरफ्तार किए जा चुके हैं।उन्होंने प्रतिद्वंदी से जानना चाहा कि 252 ग्राम चिट्टे का आरोपित की माता किस दल की पदाधिकारी हैं।

उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक बताएं कि डियारा सेक्टर में 11 फरवरी 2017 को चिट्टे के आरोपितों के साथ किस नेता का बेटा था। जिसे पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के घेरे में कमरे से बाहर निकाला था। सदर की जनता इस बात को अच्छी तरह से जानती है। इसके बाद मंडी पुलिस ने किसे चरस के साथ पकड़ा था। इसका पूरा रिकार्ड उनके पास है।

उन्होंने कहा कि वह किसी के उपर व्यक्तिगत छींटाकशी करने में विश्वास नहीं करते लेकिन यदि कोई आरोप लगाएगा तो उसका जवाब तथ्यों सहित दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने 50 दिन बाद आपरेटरों के साथ बैठक की। यदि मुख्यमंत्री पहले बैठक कर लेते तो यह विवाद पहले सुलझ जाता। उन्होंने सीमेंट ढुलाई विवाद सुलझ जाने पर आपरेटरों को बधाई दी।

इस अवसर पर जिला भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र सांख्यान, जिला महामंत्री आशीष ढिल्लों, शहरी अध्यक्ष मदन राणा व पूर्व नगर पार्षद नरेंद्र पंडित मौजूद रहे।

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