कुल्लू टुडे
कुल्लू
एसपी कुल्लू गुरदेव शर्मा ने कहा कि कायस के पूर्व प्रधान परस राम व उसकी पत्नी युमा देवी पर दिनांक 25-08-2021 को हुये कातिलाना हमले, जिसके बाद परसराम की दिनांक-13-09-2021 को पीजीआई चण्डीगढ़ में मृत्यू हो गई, से सम्बन्धित केस में पुलिस कार्यप्रणाली को लेकर कुछ लोग मीडिया में भ्रान्तियाँ फैला रहे है जिनका कुल्लू पुलिस खण्डन करती है।
उन्होंने कहा कि दिवगंत परस राम, उसकी पत्नी व खीमी राम उर्फ केवलू के बीच जिला मण्डी के कलंगार (नगवांई) स्थित किसी जमीन के सौदे से सम्बन्धित पैसे के लेन-देन (करीब 87 लाख रुपये ) को लेकर विवाद पैदा हो गया था। इस विवाद के चलते दिनांक 24.08.2021 को दोनों पक्षों में कुल्लू ढालपूर में मारपीट हुई, जिस पर पुलिस ने दोनों पार्टियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
उन्होंले कहा चूंकि मामला पैसे के लेन-देन का था, अतः पुलिस ने दोनों पार्टियों को थाना मे करीब तीन घण्टे बिठाकर दोनों पक्षों के लेन-देन के विवाद का समाधान करने की भी कोशिश की। दिनांक-25-08-2021 को केवलू व उसके कुछ साथियों ने जो कि सब शराब के नशे में थे, दिवगंत परसराम की गाड़ी को छरुड़ू मे रोककर उसको व पत्नी यूमा देवी को बुरी तरह पीटा।
उन्होंने कहा कि अस्पताल कुल्लू मे यूमा देवी द्वारा लिखवाये गये आरोपियों में से तीन को रातों रात पुलिस द्वारा पकड़ लिया गया। मुख्य आरोपी खीमी राम व उसका साथी जो रात को फरार हो गये थे,लेकिन पुलिस द्वारा चारों तरफ की गई नाकाबन्दी के कारण जिले से बाहर नहीं निकल पाये व अगले दिन उन्हे भी पकड़ लिया गया।
गुरदेव शर्मा ने कहा कि खीमी राम कुल सात दिन तक पुलिस हिरासत रिमान्ड में रहा व कड़ाई से पूछताछ की गई। कुल मिलाकर इस केस में पुलिस ने अभी तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया है व ये सभी काफी दिनों तक पुलिस रिमान्ड में रहे, उसके बाद इऩ्हे न्यायिक हिरासत मे अदालत द्वारा कुल्लू जेल भेजा गया है।
उन्होंने कहा कि कुल 11 गिरफ्तार आरोपियों में से 02 आरोपियों को दिवगंत परसराम की पत्नी यूमा देवी के व्यान पर डिस्चार्ज किया गया। 02 आरोपियों की माननीय उच्च न्यायलय से अग्रिम जमानत याचिकाएं रद्द करवाई गई, उन्हे भी गिरफ्तार किया गया तथा वे 18-09-2021 तक पुलिस रिमान्ड पर है।
उन्होंने कहा कि साक्ष्यों को पूर्ण रुप से एकत्रित करने हेतू क्षेत्रिय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला मण्डी की टीम को मौका पर लाया गया व प्रत्येक वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित किये गये है। अन्वेषण को लेकर कछ और अपवाहें भी फैलाई जा रही है। लेकिन पुलिस जाँच निर्बाध व निष्पक्ष रुप में जारी है व दोषियों को सजा दिलाने में कोई कसर नही रखी जाएगी।
