कुल्लू टूडे
बिलासपुर/कश्मीर ठाकुर
कोल डैम परियोजना क्षेत्र के चित्ताकर्षक वादियों में बसे गांव वाहोट -कसोल के करीब 150 साल पुराने राधा कृष्ण झालमू मंदिर तक रविवार को गाडी पहुंचने से ग्रामीणों में ख़ुशी की लहर उमड़ी।
राधा कृष्ण झालमू मंदिर के महात्मा रमन मुनी उदासीन अखाडा ने स्थानीय हरनोड़ा पंचायत के युवक निखिल पुरी द्वारा मंदिर तक पहली बार गाडी पहुंचाने पर मिठाई बांटी और रोड व गाडी की पूजा भी की। यह सड़क ग्रामीणों ने क्षेत्र में कार्यरत ठेकेदारों के प्रयासों से बनवाई है।
अब लोगों ने जिला उपायुक्त पंकज राय से मंदिर के लिए रोड की मरम्मत और बैरिकेट्स भी लगवाने की मांग की है। पिछले कई वर्षों से राधा कृष्ण झालमू मंदिर को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए योजनाएं अंधेरी गलियों में भटकती रही।
महात्मा रमन मुनी उदासीन अखाडा ने बताया कि आज 12 फरवरी का यह पल ग्रामीणों के लिए किसी खुशी से कम नहीं है।
आजादी के सात दशक बीत जाने के बाद भी आज तक राधा कृष्ण झालमू मंदिर तक ग्रामीण सड़क सुविधा से वंचित हैं। सड़क सुविधा नहीं होने से इस राधा कृष्ण झालमू मंदिर स्थल तक करीब आठ गांवों के ग्रामीणों को खड़ी चढ़ाई नापनी पड़ती है। लेकिन आज भी लोगों की आस्था का केंद्र रहा राधा कृष्ण झालमू मंदिर तक दूर दूर के गांवों के ग्रामीण कई किमी पैदल दूरी तय कर पहुंचते थे।
स्थानीय निवासी हिरा पाल सिंह ने बताया कि दुर्भाग्य है इस स्थल तक पहुंचने के लिए जो आज तक सड़क से सुविधा महरूम था। इस स्थल तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गांव-गांव को सड़क से जोड़ने की योजना भी परवान नहीं चढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2000 में देश की महा नवरत्न एनटीपीसी ने कोल बांध परियोजना ने कार्य शुरू किया था, तब ग्रामीणों को उम्मीद जगी कि उनका गांव भी अब विकास की राह से जुडे़गा। अफसोस ग्रामीणों की उम्मीदें धूमिल हो गई।
एनटीपीसी अन्य जगहों पर पैसा खर्च कर रही है लेकिन विस्थापितों के लिए नहीं। ग्रामीणों ने राधा कृष्ण झालमू मंदिर सड़क को सही और मुरम्मत के लिए मांग की है।
इस अवसर पर प्रदेश के प्रमुख व्यवसाई राजेश कुमार, श्याम लाल, देश राज ठाकुर, मस्त राम, मदन कुमार ,आदि अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।
