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कुल्लू टूडे

बिलासपुर/कश्मीर ठाकुर

कुछ दिन पहले अपने हकों के लिए लामबंद हुए एशिया की सबसे बड़ी ट्रक परिवहन के ऑपरेटरों के मुद्दे फिर से गर्माने शुरू हो गए है मंगलवार को पूर्व में रहे बीडीटीएस प्रधान व वर्तमान सदस्य लेखराम वर्मा सहित कार्यकारिणी सदस्य कमल किशोर, अनिल कुमार हैप्पी, सुरेश चौधरी, गंगा राम ठाकुर, कुलदीप ठाकुर, राजपाल ठाकुर व राकेश ठाकुर ने प्रेस वार्ता कर एसीसी सीमेंट फैक्ट्री प्रबंधन पर प्रशासन की मध्यस्था में बीडीटीएस के साथ हुए अनुबंध को पूरा न करने का निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एसीसी सीमेंट प्रबंधन ऑपरेटरों के साथ अनुबंध पर अनुबंध करके वादाखिलाफी कर रही है।

उन्होंने सरकार से व प्रशासन से दोबारा वार्ता करवाने की मांग रखी। उन्होने कहा एसीसी प्रबंधन इस तरह की वार्ता कर सदैव प्रशासन का समय जाया करती है। उन्होंने प्रशासन से एसीसी को सीधे बीडीटीएस की 21 सदस्यीय कार्यकारिणी के साथ वार्ता करने को लेकर आदेश देने की बात रखी।

उन्होंने कहा कि एसीसी प्रबंधन ने पंजाब के बंद पड़े कुछ डंप की डिमांड शुरू करना और अप्रैल माह से मिलने वाली सालाना हाईक भी देने की बात कही थी, जो आज सब फाइव पॉइंट समझौते सभी झूठ साबित हो रहे है। आज हर ऑपरेटर एसीसी प्रबंधन व प्रशासन की मध्यस्थता में बीडीटीएस के साथ हुए पांच पॉइंट समझौता के बारे में अवगत होना चाहता है।

वहीं ऑपरेटर की मांगो के अनुसार पुराने बंद पड़े डंप मोरिंडा, नानक पुरा, लुधियाना, पठानकोट, पंचकूला, जालंधर इत्यादि बहाली का झूठा झांसा देकर गुमराह किया है।

सीमेंट अनलोडिंग, उखली, धनोटू, बग्गी हिमाचल डंप पर रिक्वायरमेंट अनुरूप ही सीमेंट डिमांड करने की बात रखी थी और आज भी गाड़ियों तीन चार दिन तक खली नहीं हो रही है । इसके अलावा हिमाचल के लंबी दूरी के स्टेशनों की डिमांड भी नहीं दी जा रही है।

पूर्व में एसीसी द्वारा 15000 मीट्रिक टन सीमेंट / क्लिंकर जिसमें 13000 मीट्रिक टन सीमेंट व दो हजार मीट्रिक टन क्लिंकर की डिमांड देने का अनुबंध हुआ था। लेकिन बीते महीने ऑपरेटरों द्वारा जारी लगातार 10 दिन की हड़ताल के बाद हुए अनुबंध में 8000 मीट्रिक टन आगामी 30 नवम्बर तक सीमेंट ढुलाई का अनुबंध हुआ था।

बावजूद इसमें एसीसी ने लम्बी दूरी के स्टेशनों के लिए सीमेंट ढुलाई नाम मात्र कर दी और हिमाचल छोटे लोकल डम्पों बग्गी, धनोटू, उखली, ढाबन, धामी, फतेहपुर आदि के लिए ही कर रहे है। आज भी पंजाब के डम्पो पर अम्बुजा के प्लांट नवगांव, नालागड़, घनौली, रोपड़,भटिंडा से एसीसी बैग लगाकर पंजाब के सभी डम्पो पर सीमेंट की आपूर्ति की जा रही है।

इससे सभा के ऑपरेटरों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है और ट्रकों की लोन की किस्तें तथा परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो रहा है। इसके अलावा अब ट्रक परिवहन पर निर्भर बरमाणा से लेकर स्वारघाट तक छोटे छोटे दुकानदार से लेकर बड़े व्यवसायियों पर भी असर पड़ने लगा है।

एसीसी कंपनी प्रबंधन को कोसते हुए उन्होंने कहा कि कंपनी धीरे धीरे उनके काम को छीनकर बाहारी पार्टियों को दे रही है जोकि की सीधे तौर पर बीडीटीएस ट्रक ऑपरेटर्स और उनके परिवार का निवाला तक छीनने पर उतारू है।

उन्होंने कहा कि एसीसी प्रबंधन की मनमानी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा,चाहे अपनी जायज मांगों को लेकर ट्रक ऑपरेटर्स को फिर से ही क्यों न हड़ताल का नया रास्ता अख्तियार करना पड़े।

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