कुल्लू टुडे
गुरुग्राम
के.आर. मंगलम विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ इमर्जिंग मीडिया एंड क्रिएटर इकोनॉमी (एसईएमसीई) द्वारा कलाक्षेत्र 2026 के अंतर्गत आयोजित क्रिएट-ए-थॉन 2026, एक अंतर-विश्वविद्यालयीय मीडिया कॉन्क्लेव एवं क्रिएटर चैलेंज का शुभारंभ किया गया।
26 सितंबर तक आयोजित होने वाले इस चार दिवसीय कार्यक्रम में विद्यार्थियों को फिल्मोग्राफी, रील मेकिंग और पॉडकास्टिंग जैसी रचनात्मक प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर मिल रहा है। प्रतियोगिताओं में ₹20,000 तक के नकद पुरस्कार रखे गए हैं।
इस पहल को विश्वविद्यालय के नेतृत्व का सहयोग एवं मार्गदर्शन प्राप्त है, जिसमें प्रो-चांसलर अभिषेक गुप्ता, प्रमोटर एवं निदेशक रोहित गुप्ता, माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) अनिल कुमार सैनी तथा रजिस्ट्रार डॉ. राजीव रतन शामिल हैं।
विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के लिए व्यावहारिक शिक्षा और उद्योग से जुड़े अवसरों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
एसईएमसीई के डीन प्रो. (डॉ.) अमित चावला के संयोजन में कार्यक्रम की शुरुआत दादासाहेब फाल्के पुरस्कार विजेता फिल्म निर्माता सौम शिप्रा सिंह की फिल्म निर्माण कार्यशाला से हुई।
कार्यशाला के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को कहानी कहने की कला, कैमरा तकनीक, सिनेमैटोग्राफी, शॉर्ट फिल्म निर्माण और रील मेकिंग से जुड़े महत्वपूर्ण व्यावहारिक सुझाव दिए।
कार्यशाला में विद्यार्थियों ने उनकी फिल्म के अंश की स्क्रीनिंग और चर्चा में भाग लिया। इसके बाद विद्यार्थियों को मौके पर शूटिंग करने का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया।
सौम शिप्रा सिंह ने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए फुटेज की समीक्षा की और उन्हें एडिटिंग, कहानी को बेहतर बनाने तथा विजुअल नैरेटिव को प्रभावी बनाने से संबंधित उपयोगी सुझाव दिए। कार्यक्रम के पहले दिन 48 घंटे की फिल्म निर्माण चुनौती की भी शुरुआत हुई।
इस चुनौती के तहत प्रतिभागियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी मौलिक शॉर्ट फिल्म की अवधारणा तैयार करने, शूटिंग करने और उसे प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
इस अवसर पर एसईएमसीई की फैकल्टी टीम भी उपस्थित रही, जिसमें डॉ. अदिति अग्रवाल, डॉ. नेहा अरोड़ा, डॉ. मानव शर्मा, नव्या सिंह और याशिका खंडेलवाल शामिल रहे।
फैकल्टी सदस्यों ने कार्यक्रम के सुचारू संचालन में सहयोग किया और प्रतिभागी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम का समापन डॉ. अदिति खरे, असिस्टेंट प्रोफेसर, एसईएमसीई द्वारा औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
उन्होंने विद्यार्थियों को क्रिएट-ए-थॉन 2026 के माध्यम से मिलने वाले रचनात्मक एवं व्यावहारिक सीखने के अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
