कुल्लू टुडे
बरमाणा, हेमराज शर्मा
हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर की ग्राम पंचायत बरमाणा में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के दौरे के दौरान पूर्व उपप्रधान ग्राम पंचायत बरमाणा एवं सदर कांग्रेस कमेटी बिलासपुर के उपाध्यक्ष नीतिश ठाकुर तथा टैक्सी ऑपरेटर यूनियन ने काले झंडे दिखाकर विरोध जताया।
उन्होंने एसीसी बरमाणा से जुड़े ट्रांसपोर्टरों, टैक्सी ऑपरेटरों, स्थानीय युवाओं और ठेकेदारों के मुद्दों को लेकर अपना रोष प्रकट किया।
नीतिश ठाकुर ने कहा कि काले झंडे दिखाने का मुख्य कारण एसीसी बरमाणा फैक्ट्री बंद होने के दौरान स्थानीय लोगों और ट्रांसपोर्टरों की समस्याओं को लेकर भाजपा नेताओं द्वारा कथित तौर पर प्रभावी तरीके से आवाज न उठाना है।
उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, पूर्व भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, सांसद अनुराग ठाकुर, राज्य सभा सदस्य सिकंदर कुमार और स्थानीय विधायक त्रिलोक जम्वाल ने न तो विधानसभा में और न ही संसद में एसीसी बरमाणा से जुड़े मुद्दे को प्रभावी ढंग से उठाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसका खामियाजा आज बरमाणा के ट्रक मालिकों को भुगतना पड़ रहा है।
उनके अनुसार ट्रांसपोर्टरों के ढुलान किराये में कटौती हुई है और कम डिमांड के कारण ट्रकों के चक्कर भी काफी कम हो गए हैं। उन्होंने कहा कि पहले ट्रकों के 10, 12 और 13 तक चक्कर लगते थे।
जबकि वर्तमान में कई ट्रकों को केवल दो-तीन चक्कर ही मिल पा रहे हैं, जिससे ऑपरेटरों के लिए परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो गया है।
नीतिश ठाकुर ने कहा कि सीमेंट-क्लिंकर की डिमांड घटने से भी ट्रक ऑपरेटरों की चिंता बढ़ी है।
उन्होंने बताया कि एसीसी बरमाणा से ढुलान कार्य करने वाली बीडीटीएस को पहले अपेक्षाकृत अधिक डिमांड मिलती थी।
लेकिन अब इसमें काफी कमी आई है। ढुलान कार्य में कमी के कारण ट्रकों का संचालन प्रभावित हो रहा है और ऑपरेटर आर्थिक परेशानी का सामना कर रहे हैं।
टैक्सी ऑपरेटरों की समस्या उठाते हुए उन्होंने कहा कि बरमाणा टैक्सी यूनियन की गाड़ियां पिछले करीब छह महीने से काम से बाहर हैं तथा उनका वेंडर कोड ब्लॉक होने के कारण ऑपरेटरों को परेशानी हो रही है।
उन्होंने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर से टैक्सी ऑपरेटरों के वेंडर कोड खुलवाने के लिए हस्तक्षेप करने की मांग की।
नीतिश ठाकुर ने आरोप लगाया कि एसीसी बरमाणा में बाहरी राज्यों से कर्मचारियों को जॉइनिंग दी जा रही है, जबकि स्थानीय युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे हैं।
उन्होंने स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर स्थायी रोजगार देने की मांग की।
उन्होंने एसीसी में नई ठेकेदारी व्यवस्था को लेकर भी आशंका जताई। उनका आरोप है कि बड़े ठेकेदार को काम दिए जाने से स्थानीय छोटे ठेकेदार प्रभावित हो सकते हैं।
उन्होंने दावा किया कि नए ठेकेदार के माध्यम से कर्मचारियों की फ्रेश जॉइनिंग होने पर पुराने कर्मचारियों के ईपीएफ, भत्तों और अन्य सेवा लाभ प्रभावित हो सकते हैं।
नीतिश ठाकुर ने भाजपा नेताओं पर एम्स में नौकरी दिलाने के नाम पर कथित तौर पर पैसे लेने के गंभीर आरोप भी लगाए।
उन्होंने दावा किया कि कुछ लोगों से पांच हजार से पांच लाख रुपये तक लिए गए लेकिन उन्हें नौकरी नहीं मिली।
उन्होंने कहा कि आने वाले विधानसभा चुनाव के दौरान ऐसे लोगों को सामने लाकर इस मामले को सार्वजनिक किया जाएगा।
नीतिश ठाकुर ने कहा कि बरमाणा के लोगों की समस्याओं का समाधान केवल आश्वासनों से नहीं बल्कि ठोस कदम उठाकर होना चाहिए।
उन्होंने ट्रांसपोर्टरों को पर्याप्त ढुलान, टैक्सी ऑपरेटरों के वेंडर कोड बहाल करने, स्थानीय युवाओं को रोजगार देने तथा स्थानीय ठेकेदारों के हितों की रक्षा की मांग उठाई।
