कुल्लू टुडे
मनाली, ओम बोध
विश्व विख्यात पर्यटन नगरी मनाली घूमने आए पर्यटकों की लापरवाही एक बार फिर जानलेवा साबित हो सकती है।
ब्यास नदी की तेज और उफनती धारा के बावजूद लोग रायसन, आलू ग्राउंड और वशिष्ठ चौक पर सेल्फी और रील बनाने के चक्कर में नदी के बिल्कुल किनारे तक पहुंच रहे हैं। प्रशासन ने पर्यटकों से विशेष अपील की है कि वे नदी से उचित दूरी बनाकर रखें।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ब्यास नदी दूर से देखने में जितनी शांत और मनमोहक लगती है, उतनी ही अंदर से खतरनाक है।
पहाड़ों से बर्फ पिघलकर आने वाले बर्फीले पानी का बहाव इतना तेज होता है कि कुछ ही सेकंड में व्यक्ति बह सकता है। ठंडे पानी में कुछ मिनट रहने पर शरीर सुन्न पड़ जाता है और संतुलन पूरी तरह बिगड़ जाता है।
रायसन से मनाली तक जगह जगह पर्यटकों को नदी की चट्टानों पर खड़े होकर फोटो खींचते और वीडियो बनाते देखा जा रहा है। हाल ही में भुंतर में ब्यास नदी के बहाब में आने से एक व्यक्ति की मौत भी हो चुकी है।
ब्यास नदी के किनारे खेलना प्रशासन ने इसे “जान से खेलना” करार देते हुए कहा है कि ऐसी लापरवाही से हादसों का खतरा बढ़ जाता है। हर साल दर्जनों पर्यटक इसी वजह से अपनी जान गंवा चुके हैं।
प्रशासन ने पर्यटकों से आग्रह किया है कि वे ब्यास नदी के समीप न जाएं और केवल सुरक्षित दूरी से ही इसकी सुंदरता और ठंडक का आनंद उठाएं।
बच्चों और बुजुर्गों को नदी किनारे ले जाने पर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। साथ ही शराब पीकर नदी के पास जाने पर भी सख्त मनाही है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और पुलिस से आग्रह किया है कि होम गार्ड और पुलिस की टीमें संवेदनशील स्थानों पर तैनात की जाए।
मनाली की खूबसूरती बेशक लुभाती है, लेकिन याद रखें, एक पल की लापरवाही पूरी जिंदगी पर भारी पड़ सकती है।
प्रशासन ने कई जगह पर ब्यास नदी के किनारे न जाने के बोर्ड भी लगाए हुए हैं, मगर पर्यटक जान जोखिम में डाल कर अभी भी ब्यास नदी में अठखेलिया करते नज़र आ रहे हैं।
