कुल्लू टुडे
बरमाना, कश्मीर/हेमराज
दी बिलासपुर जिला ट्रक ऑपरेटर्स परिवहन सहकारी सभा लिमिटेड बरमाना में एक बार फिर नई कार्यकारिणी का गठन रविवार को किया गया। इस कार्यकारिणी में जीतराम गौतम को प्रधान तथा गंगा सिंह ठाकुर को उपप्रधान चुना गया।
कार्यकारिणी का गठन सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं विभाग की ओर से इंस्पेक्टर कृतिका ठाकुर और जिला ऑडिट अधिकारी रामप्रकाश की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। नव-निर्वाचित प्रधान जीतराम गौतम ने बताया कि अन्य पदाधिकारियों की नियुक्ति एक सप्ताह के भीतर कर दी जाएगी।
गौरतलब है कि सभा का कार्यकाल पांच वर्षों का होता है। वर्ष 2022 में हुए चुनावों के बाद से अब तक कार्यकारिणी में कई बार फेरबदल हो चुका है। पहले जीत राम गौतम , दूसरी बार राकेश ठाकुर प्रधान बने, तीसरे बदलाव में लेखराम वर्मा ,,फिर से जीत राम गौतम, उसके बाद नीलम कुमार चंदेल फिर परिस्थितियों में बदलाव के चलते जीतराम गौतम को जिम्मेदारी सौंपी गई। बीते पांच वर्षों में यह छठी बार है जब प्रधान पद पर बदलाव हुआ है। इसमें दो बार अविश्वास प्रस्ताव और चार बार आंतरिक समझौते के चलते कार्यकारिणी में फेरबदल हुआ।
बाद में सदस्यों के समर्थन बदलने पर नीलम चंदेल की कार्यकारिणी बनी, लेकिन हाल ही में फिर से समर्थन में बदलाव आने के चलते जीतराम गौतम को दोबारा प्रधान चुना गया। नवनियुक्त उपप्रधान गंगा सिंह ठाकुर ने बताया कि पूर्व कार्यकारिणी के कार्यों से कुछ सदस्य असंतुष्ट थे, जिसके चलते उन्होंने अपना समर्थन वापस ले लिया और नई कार्यकारिणी का गठन किया गया।
नवनियुक्त प्रधान जीतराम गौतम ने कहा कि वे सभी ट्रांसपोर्टरों को साथ लेकर चलेंगे और उनके हितों की रक्षा उनकी प्राथमिकता रहेगी। वहीं उपप्रधान गंगा सिंह ठाकुर ने भी भरोसा दिलाया कि सभी सदस्यों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
बॉक्स: नई कार्यकारिणी गठन पर विवाद
वहीं नई कार्यकारिणी के गठन को लेकर विवाद भी सामने आया है। सभा की प्रधान नीलम चंदेल ने इन चुनावों को पूरी तरह से नकारते हुए इसे एक सोचा-समझा षड्यंत्र करार दिया है।
नीलम चंदेल का कहना है कि मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है, ऐसे में किसी भी प्रकार के चुनाव कराना नियमों के विरुद्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि सहकारी विभाग के अधिकारियों ने बैठक के दौरान उनके समर्थक सदस्यों के साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें बैठक से बाहर जाने के लिए कहा।
उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष के पास केवल नौ सदस्य हैं, जिनमें से दो पहले ही निलंबित हो चुके हैं। ऐसी स्थिति में नौ सदस्यों के आधार पर कार्यकारिणी का गठन नियमों के खिलाफ है। उन्होंने इस नई कार्यकारिणी को अवैध और षड्यंत्रपूर्ण बताते हुए पूरी तरह खारिज कर दिया।
