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कुल्लू टुडे

केलांग

लाहौल-स्पीति जिले के दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्र में आज शिक्षा, एमपीपी, पावर तथा सूचना एवं जन-संपर्क विभाग के सचिव राकेश कंवर ने शैक्षणिक संस्थानों का विस्तृत निरीक्षण कर शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत का आकलन किया।

उनका यह दौरा प्रदेश सरकार की “गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा” के लक्ष्य को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

अपने दौरे की शुरुआत उन्होंने क्षेत्र के अंतिम छोर पर स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, दारचा से की।

विद्यालय पहुंचने पर प्रधानाचार्य, शिक्षकों एवं स्थानीय समुदाय द्वारा उनका पारंपरिक एवं आत्मीय स्वागत किया गया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय की भौतिक सुविधाओं, कक्षा-कक्षों, प्रयोगशालाओं तथा विद्यार्थियों की उपस्थिति एवं अनुशासन का गहन अवलोकन किया।

शिक्षा सचिव ने छात्र-छात्राओं के साथ संवाद स्थापित कर उनके शैक्षणिक अनुभव, रुचियों एवं भविष्य की आकांक्षाओं के बारे में विस्तार से चर्चा की।

उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि “कठिन भौगोलिक परिस्थितियां सफलता के मार्ग में बाधा नहीं, बल्कि उसे और मजबूत बनाने का अवसर होती हैं।

निरंतर मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।” उनके प्रेरक शब्दों से विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला।

इसके उपरांत सचिव ने केलांग स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय एवं प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया।

उन्होंने कक्षाओं में चल रही शिक्षण गतिविधियों का बारीकी से अवलोकन करते हुए आधुनिक एवं प्रभावी शिक्षण पद्धतियों को अपनाने पर बल दिया।

विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, उपस्थिति तथा सह-पाठयक्रम गतिविधियों का भी उन्होंने मूल्यांकन किया।

शिक्षकों के साथ आयोजित विस्तृत बैठक में उन्होंने दूरस्थ एवं कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में सेवाएं प्रदान करने के दौरान आने वाली चुनौतियों पर गंभीरता से चर्चा की।

शिक्षकों ने बुनियादी सुविधाओं, संसाधनों की उपलब्धता एवं डिजिटल शिक्षा के विस्तार से संबंधित मुद्दों को साझा किया।

सचिव ने आश्वस्त किया कि सरकार इन चुनौतियों के समाधान हेतु प्रतिबद्ध है तथा आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

दारचा एवं केलांग विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों के साथ आयोजित बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए ठोस एवं व्यवहारिक सुझाव आमंत्रित किए गए।

सचिव ने शिक्षकों से नवाचार, छात्र-केंद्रित शिक्षण एवं तकनीक के समुचित उपयोग के माध्यम से शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाने का आह्वान किया।

उन्होंने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास शैक्षणिक, मानसिक एवं नैतिक पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

दौरे के समापन अवसर पर सचिव कंवर ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें निरंतर परिश्रम, अनुशासन एवं सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर तहसीलदार केलांग विकास कुमार तथा उप निदेशक शिक्षा श्री रमेश लाल भी पूरे दौरे के दौरान उनके साथ उपस्थित रहे।

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