कुल्लू टूडे
बिलासपुर, कश्मीर ठाकुर
हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर के तहत आने वाले राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय समोह में मनोविज्ञान शिविर का एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उच्च शिक्षा विभाग से उप निदेशक पद से सेवानिवृत्त व पूर्व सैनिक राजकुमार ने बच्चों को सेना के जीवन, कार्यप्रणाली और भर्ती प्रक्रिया की जानकारी दी।
वहीं सेवानिवृत्त कैप्टन संजय कुमार ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए भारतीय सेना के शौर्य और बलिदान की कहानियों से बच्चों को अवगत कराया। उन्होंने बच्चों को डिप्रेशन से बचने के टिप्स भी दिए।
कार्यक्रम में बच्चों को भारतीय सेना के गौरवपूर्ण इतिहास, सैनिकों के अनुशासित जीवन और कठिन परिस्थितियों से कैसे सामना करना होता है आदि कई अपने अनुभवों से परिचित करवाया।
इससे पहले विद्यालय की प्रधानाचार्या सरिता कुमारी धीमान ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए ऐसे कार्यक्रमों को विद्यार्थियों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और देशभक्ति की भावना पैदा करते है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत और नृत्य से सभी का मन मोह लिया।
मनोविज्ञान सभा के नोडल अधिकारी एवं हिंदी शिक्षक विवेक शील ने भारतीय सैनिकों के साहस पर आधारित अपनी स्वयं रचित कविता गाकर सुनाई, जिसे उपस्थित श्रोताओं ने खूब सराहा।
इस आयोजन में विद्यार्थियों के साथ-साथ लगभग 15 अभिभावकों ने भी भाग लिया। विद्यालय के संरक्षक सीता राम नेगी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
इस कार्यक्रम में करीब 20 पूर्व सैनिकों ने भाग और उन्होंने भी विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम को सफल बनाने में मनोविज्ञान सभा के नोडल अधिकारी विवेक शील के साथ सदस्य अजय कुमार, अमरनाथ और मोनिका का विशेष योगदान रहा।
कार्यक्रम के अंत में नोडल अधिकारी विवेक शील ने प्रधानाचार्या, शिक्षा विभाग, सरकार और उपस्थित पूर्व सैनिकों का आभार व्यक्त किया और कहा कि प्रधानाचार्या के मार्गदर्शन में मनोविज्ञान सभा ने पहले भी इस तरह की गतिविधियां आयोजित की हैं।
