कुल्लू टूडे
बिलासपुर, कश्मीर ठाकुर
कांग्रेस विचार विभाग के जिला अध्यक्ष एवं पूर्व प्रशासनिक अधिकारी डॉ. के.डी. लखनपाल और हमीरपुर लोकसभा के कोऑर्डिनेटर डॉ. अनिल ने जारी ब्यान में कहा कि हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी वर्षा ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।
लोगों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में कई बार बारिश का सामना किया है, लेकिन इस साल और पिछले साल जैसी भीषण स्थिति पहले कभी नहीं देखी। हालात इतने भयावह हो चुके हैं कि लोग सहमे हुए और दुख से व्यथित दिखाई दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री राहत कार्यों में पूरी क्षमता से जुटे हैं, लेकिन केंद्र सरकार का रवैया लोगों में निराशा पैदा कर रहा है।
आरोप लगाया जा रहा है कि राजनीतिक प्रतिशोध के कारण केंद्र सरकार हिमाचल को आवश्यक सहयोग देने से कतरा रही है।
जबकि मुख्यमंत्री कई बार दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और अन्य केंद्रीय मंत्रियों को स्थिति से अवगत करा चुके हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता शांता कुमार तक ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि हिमाचल को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए।
अतीत में भी जब इस प्रकार की आपदाएं आईं, तो केंद्र सरकार उन्हें राष्ट्रीय आपदा मान चुकी है।
ऐसे में संघीय ढांचे के तहत केंद्र की जिम्मेदारी बनती है कि वह तुरंत मदद करे। प्रदेश सरकार अपने स्तर पर राहत कार्यों में जुटी हुई है।
आपदा मैनुअल में संशोधन कर प्रभावितों को अधिक आर्थिक सहायता देने के प्रावधान किए गए हैं, जिसे सराहनीय कदम माना जा रहा है।
कांग्रेस विचार विभाग के जिला अध्यक्ष एवं पूर्व प्रशासनिक अधिकारी डॉ. के.डी. लखनपाल ने कहा कि प्रदेश के सांसद, विधायक, व्यापारी, कारोबारी और साधन संपन्न लोग आगे बढ़कर आर्थिक सहयोग करें।
लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसद केंद्र सरकार के सामने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाएं।
विकास और निर्माण कार्य वैज्ञानिक तरीके से किए जाएं ताकि भविष्य में इस प्रकार की आपदा से बचाव हो सके।
इन नेताओं ने कहा कि प्रदेश की जनता सब देख रही है और समय आने पर इसका जवाब भी देगी।
