कुल्लू टूडे
कुल्लू
स्वतंत्रता दिवस का ज़िला स्तरीय समहारोह कुल्लू के एतिहासिक मैदान में माननीय आयुष मंत्री की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ।
जिला स्तरीय समारोह में भव्य मार्च पास्ट के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की बिभिन्न प्रस्तुतिया रही
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, विभिन्न शिक्षण संस्थानों और अन्य संस्थाओं के कलाकारों ने देश भक्ति के कार्यक्रम, लोक नृत्य प्रस्तुत करके जनसमूह का मनोरंजन किया।

उन्होंने ज़िला के सभी संबंधित विभागों के व हर कार्य में ज़िला का नाम रोशन करने वाले नामी लोगों को सम्मानित किया जिसमें जिला की स्वर कोकीला को भी मंत्री द्वारा शिक्षा व संस्कृति के लिए सम्मानित किया गया, जिसमें प्रशासन भी मौजूद रहा।
होनहार वीरवान के होत चिकने पात” यह बात खुशबू पर सटीक बैठती है। छोटी उम्र से ही ख़ुशबू को संगीत का शौक़ था।
बता दें कि यदि कहीं कोई कार्यक्रम होता है तो ख़ुशबू की भागीदारी सबसे पहले रहती है।
ख़ुशबू गर्व से कहती है कि जो अपने पारम्परिक संगीत में लय रस और संस्कार है उसका कोई मुक़ाबला नही है।
ख़ुशबू ने कहा कि हमें अपनी संस्कृति से प्यार करना चाहिए इसे सर्वोपरि बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करने चाहिए।
ख़ुशबू ने प्रदेश ही नही अपितु बाहरी प्रदेशों में भी अपनी संस्कृति को बिखेरा है।
खुशबू संगीत में गोल्ड मेडल जीत कर जिला कुल्लू का ही नहीं अपितु प्रदेश का नाम भी रोशन कर चुकी है।
हाल ही में खुशबू अंतर्राष्ट्रीय कार्निवल मनाली में निर्णायक मंडल की भूमिका निभा चुकी है।
खुशबू बहुत से नामी पुरस्कारों से सम्मानित हो चुकी है, जिसमें नेशनल अवॉर्ड, सीएम अवार्ड जैसे बहुत से पुरस्कार प्राप्त कर चुकी है।
ख़ुशबू एनसीसी में भी बतौर सीनियर अंडर ऑफिसर की भूमिका भी निभा चुकी है।
खुशबू मध्यमवर्गीय परिवार से संबंध रखती है। खुशबू की माता रविन्द्रा भारद्वाज स्वयं संगीत प्रेमी है। खुशबू ने सदैव अपनी कामयाबी का श्रेय माता पिता गुरुजनों व मित्रों को दिया है।
