कुल्लू टुडे
आनी/शिमला
वीरवार सांय काल में चिकित्सक संयुक्त संघर्ष समिति हिमाचल प्रदेश ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के साथ मुलाकात की। स्वास्थ्य मंत्री राजीव सेहगल ,मुख्य सचिव, वित्त सचिव ,स्वास्थ्य सचिव की मौजूदगी में हुई । इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष डॉक्टर राजेश सूद और महासचिव डॉ पुषपेंद्र वर्मा ने मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ देकर वार्ता की शुरुआत की।
मुख्यमंत्री ने बड़े ही सौहार्दपूर्ण वातावरण और गर्मजोशी से चिकित्सकों की मांगों को पूरे 2 घण्टे सुना। उसके बाद उन्होंने चिकित्सकों की मांगों पर कार्रवाई करने के लिये अधिकारियों को निर्देश दिए। बातचीत में एक प्रसंग की चर्चा करते हुये मुख्यमंत्री बताया कि चिकित्सक कितनी मेहनत करते हैं और उनको किन परिस्थितियों में नौकरी करनी पड़ती है।
उन्होंने अपनी धर्मपत्नी का उदाहरण देते हुए कहा कि जब वह पहली बार पीएचसी बालीचौकी में पोस्टिंग हुई तो उस समय वहां का टेबल और कुर्सी भी टूटी हुई थी, जो उन्होंने स्वयं ठीक करवाई।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया आने वाले नौजवान चिकित्सकों को नियमित आधार पर ही भर्ती किया जाएगा। हर वर्ष कोशिश की जाएगी के डॉक्टरों के लिए कमीशन में पर्याप्त संख्या में सीटें निकाली जाएं। उन्होंने वित्त विभाग को निर्देश दिया कि जो चिकित्सक अनुबंध पर लगे हैं। उनके लिए एनपीए की नोटिफिकेशन भी जल्द से जल्द अधिसूचित की जाए।
डॉक्टरों की सबसे बड़ी मांग उनके वेतन की सीलिंग को पंजाब के बराबर रखा जाए। हिमाचल प्रदेश में जो सबसे ज्यादा वेतन की सीलिंग है वह 2,25,000 है और चिकित्सकों के लिए यह सीलिंग अब बढ़ाकर 2,24,500 करने पर सहमति बन गई। 20 फीसदी नॉन प्रैक्टिसिंग अलाउंस को भी 1 जनवरी 2022 से लागू किया जाएगा और एनपीए को बेसिक का हिस्सा माना जाएगा।
जबकि 4-9-14 के लिए अधिसूचना पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह जारी है और जारी ही रहेगी। इसकी अधिसूचना कर्मचारियों के लिए जल्द ही जारी होने वाली है। जिसमें वित्त सचिव ने कहा कि जब भी नया वेतन कमीशन शुरू होता है तो 4-9-14 को स्थगित कर फिर से नोटिफाई करना पड़ता है। इसलिए मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार इसे लागू कर दिया जाएगा।
चिकित्सकों का विशेषज्ञ भत्ता बढ़ाने को भी सहमति बनी और साथ में मेडिकल कॉलेज में काम कर रहे डॉक्टर्स को एकेडमिक भत्ता के लिए सहमति बनी।
जिसके लिए स्वास्थ्य सचिव, विशेष स्वास्थ्य सचिव व संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष डॉ. राजेश सूद, महासचिव डॉ पुष्पेंद्र वर्मा, डॉ प्रवीण चौहान, डॉ. विशाल जमवाल, डॉ घनश्याम वर्मा, स्वास्थ्य निदेशक व निदेशक मेडिकल एजुकेशन इस कमेटी के सदस्य होंगे।
यह कमेटी 8 हफ्तों के अंदर अपनी सिफारिशें सरकार को देगी, जिन्हें लागू किया जायेगा। जिसकी अधिसूचना तुरंत जारी कर दी गई है। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री राजीव सहजल, मुख्य सचिव, वित्त सचिव व स्वास्थ्य सचिव भी मौजूद रहे।
संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष डॉ राजेश सूद और महासचिव डॉ पुष्पेंद्र वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों को बड़े ही ध्यानपूर्वक सुना और उनका तुरंत समाधान निकाला।
इसलिए उन्होंने सभी चिकित्सकों वेटरनरी डेंटल, मेडिकल फैकल्टी और रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन का आभार व्यक्त किया कि सबने मिलकर जो एकता दिखाई है वह काबिले तारीफ है। उन्होंने चिकित्सकों से आह्वान किया कि अपने इस आंदोलन को अपनी मांगों के पूर्ण होने की अधिसूचना तक स्थगित कर रहे हैं।
