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कुल्लू टूडे

कांगड़ा

शहीद दिवस के उपलक्ष्य में पण्डित ख़ुशबू को काँगड़ा में सम्मानित सम्मानित किया गया। आयोजित कार्यक्रम में कारगिल वार के हीरो नायक दीप चंद जी समेत अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

जिसमें पूरे भारत से गणमान्य व्यक्ति काँगड़ा पहुँचे थे। कार्यक्रम का आयोजन हिमालयन सेवियर्स द्वारा किया गया था।

वही दूसरी तरफ़ स्वर कोकिल की मधुर ध्वनि में शहीदी गीत सुनकर कारगिल योद्धा समेत सभी की आँखे नम हो गयी

पण्डित ख़ुशबू की तारीफ़ करते हुए उनका कहना था की हमें गर्व है ऐसी बेटी पर होनहार वीरवन के होत चिकने पत यह बात ख़ुशबू के ऊपर स्टिक बैठती है।

छोटी आयु से ही ख़ुशबू को संगीत का शौक़ था कहीं भी कोई भी कार्यक्रम होता तो ख़ुशबू की भागीदारी सबसे पहले रहती है।

ख़ुशबू गर्व से कहती है कि जो अपने पारम्परिक संगीत में लय रस और संस्कार है उसका कोई मुक़ाबला नही,ख़ुशबू कहती है की हमें अपनी संस्कृति से प्यार करना चाहिए इसे सर्वो परी बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करने चाहिए।ख़ुशबू ने देश ही नही अपितु बाहरी प्रदेशों में भी अपनी संस्कृति को बिखेरा है।

ख़ुशबू संगीत में गोल्ड मेडल जीत कर व देश नही अपितु प्रदेश के कई दूर स्थानो में कुल्लू का नाम रोशन कर चुकी हैहाल ही में ख़ुशबू अंतर्रष्ट्रिय कार्निवल मनाली में निर्णायक मंडल की भूमिका निभा चुकी है।

ख़ुशबू बहुत से नामी पुरस्कारों से सम्मानित हो चुकी है जिसमें नेशनल अवार्ड, सीए जैसे बहुत से पुरस्कार प्राप्त हैं। ख़ुशबू एनसीसी में भी बतौर सिनिर अंडर आफ़िसर की भूमिका भी निभा चुकी है।

ख़ुशबू की माता का नाम रविंद्रा पिता खेम राज व बड़ा भाई साहिल है ख़ुशबू मध्यवर्गी परिवार से संबंध रखती है
ख़ुशबू की माता रविन्द्रा भारद्वाज स्वयं संगीत प्रेमी है। ख़ुशबू सदैव अपनी कामयाबी का श्रेय अपने माता – पिता गुरूजनो व मित्रों को देती है।

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