कुल्लू टूडे
बिलासपुर, कश्मीर ठाकुर
हिमाचल प्रदेश पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन जिला बिलासपुर के समस्त पेंशनरों द्वारा प्रदेश कार्यकारणी के आवाहन पर जिला मुख्यालय स्थित शहीद स्मारक पर जिला भर के कोने कोने से आए पेंशनरों द्वारा सरकार की बेरुखी के कारण प्रदेश के समस्त जिलों की तर्ज पर जिला बिलासपुर में भी धरना प्रदर्शन जिला अध्यक्ष जगदीश दिनेश की अध्यक्षता में दिया गया।
जिसमें जिला भर से आए लगभग 500 पेंशनरों ने भाग लिया। मंच संचालन करते हुए जिला महामंत्री चेत राम वर्मा ने सभी पेंशनरों से आग्रह किया कि दिवंगत पेंशनरों आत्माओं की शान्ति के लिए जिसमें उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की धर्म पत्नी स्व श्रीमति शिम्मी के अचानक मृत्यु पर भी शोक सभा में दो मिनट का मौन रखा गया।
पेंशनरों को संबोधित करते हुए जिला प्रधान जगदीश दिनेश, जिला महामंत्री चेत राम वर्मा, प्रदेश महामंत्री हुकम सिंह ठाकुर, ओम प्रकाश गर्ग, अमरनाथ भारद्वाज, गोपाल दास शर्मा संगठन सचिव, प्रेम सिंह चंदेल, जय कृष्ण शर्मा, देवेश्वर गौतम, बाबू राम गौतम, सीता राम शर्मा, पीसी धीमान, नरोत्तम धीमान, जोगिंदर वर्मा, खंड प्रधान दौलत राम चैहान, बीरबल धीमान, ठाकुर दास आजाद, बीडी शर्मा आदि ने अपने विचार रखते हुए कहा है कि सरकार समय रहते प्रदेश के पेंशनरों की मांगों पर गौर करके 17 फरवरी को बजट में संशोधित वेतनमान के बकाया का एक मुस्त भुगतान करने का प्रावधान करे तथा करोड़ों के हिसाब से लंबित चिकित्सा बिलों का भुगतान किया जाए।
जिला महामंत्री चेत राम वर्मा ने कहा है कि प्रदेश भर में पेंशनरों द्वारा आज दिया सांकेतिक धरना प्रदर्शन सिर्फ सरकार के बेरुखी और अनदेखी करने के लिए ही आयोजित किया गया था।
जिला महामंत्री चेत राम वर्मा ने कहा है कि सरकार अगर 17 फरवरी के बजट में पेंशनरों की आर्थिक मांगों को पूरा करने के लिए बजट में प्रावधान नहीं करती है तो पेंशनर्स प्रदेश व्यापी आंदोलन करने से भी गुरेज भी नही करेंगे, जिसके लिए सरकार स्वयं जिम्मेदार होगी और आने वाले समय में भी सरकार को इसका खामयाजा भुगतना पड़ेगा।
इसलिए सरकार से आग्रह किया जाता है कि पेंशनरों की सभी चिरलंबित मांगों यथावत समाधान करे ताकि सरकार के प्रति पेंशनरों का सौहादपूर्ण तालमेल बना रहे।
वर्मा ने कहा है कि प्रदेश सरकार से अनुरोध किया जाता है कि प्रदेश स्तरीय संयुक्त सलाहकार समिति गठित करके शीघ्र बैठक बुलाई जाए ताकि पेंशनरों की मांगों पर विस्तार से चर्चा हो सके और पेंशनरों की बहुत सी ऐसी मांगे भी है जिनमें सरकार कर मन मात्र भी खर्चा नहीं होगा उन मांगों का भी तत्काल ही निपटारा किया जा सकता है।
