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कुल्लू टुडे
शिमला


उपचुनाव की भाग दौड़ के बाद शनिवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पूरी तरह से एक्शन मोड में दिखे। उन्होेंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि विकास परियोजनाओं को समयबद्ध पूर्ण किया जाए और आमजन से सम्बंधित मुद्दों का प्राथमिकता के आधार पर निवारण किया जाए। ताकि प्रदेश और प्रदेशवासी लाभान्वित हो सकें।

शनिवार को मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने राज्य सरकार के प्रशासनिक सचिवों के साथ हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न श्रेणियों जैसे जेओए आईटी, जेबीटी, पीटीआई, एनटीटी आदि की भर्ती सम्बन्धी मुद्दों का समाधान करने पर विशेष बल दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि करूणामूलक आधार पर होने वाली भर्तियों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। क्योंकि इससे न केवल मृतक के परिजनों को लाभ होगा, बल्कि जरूरतमंदों को रोजगार भी मिलेगा।

जय राम ठाकुर ने कहा कि एनजीटी में विचाराधीन होने के कारण लंबित सभी विकास परियोजनाओं के मुद्दों को सुलझाया जाए। ताकि परियोजनाओं का कार्य शीघ्र आरम्भ किया जा सके।

उन्होंने कहा कि विशेष रूप से विभिन्न विभागों से संबंधित परियोजनाओं में देरी ही नहीं हो रही बल्कि लोगों को इन परियोजनाओं का लाभ भी समय पर नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इससे लागत भी बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेगी। दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने में भी संकोच नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न विकास परियोजनाओं से सम्बंधित लक्ष्यों को प्राप्त करने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि नाबार्ड, पीएमजीएसवाई के सम्बंध में लोक निर्माण विभाग की परियोजनाओं का कार्य समयबद्ध पूर्ण किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाने के लिए भी कहा ताकि परियोजनाओं की प्रगति में किसी प्रकार की बाधा न आए। उन्होंने अधिकारियों को राज्य में विभिन्न सड़कों का उचित रख-रखाव सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

जय राम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस सम्बंध में किसी भी तरह की ढिलाई को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने प्रशासनिक सचिवों को सम्बन्धित विभागों के लम्बित मुद्दों की पहचान करने के भी निर्देश दिए। ताकि इनका शीघ्र निवारण किया जा सके।

मुख्य सचिव राम सुभग सिंह ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि प्रशासनिक सचिव राज्य सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे।

इस मौके पर अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना और जेसी शर्मा, प्रधान सचिव ओंकार शर्मा, रजनीश और सुभाशीष पांडा, सचिव देवेश कुमार, अक्षय सूद, अजय शर्मा, विकास लाबरू, सी पालरासू, राजीव शर्मा और एसएस गुलेरिया भी बैठक में उपस्थित थे।

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