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कुल्लू टूडे

शिमला

अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ हिमाचल प्रदेश के महासचिव भरत शर्मा ने कहा कि यह हास्यास्पद और गैर-संवैधानिक है कि बिना ब्लॉक और जिला के चुनाव करवाए राज्य स्तर पर पद की लालसा से चुनाव करवाए हैं। ऐसे कर्मचारी नेताओं को कर्मचारी कभी भी स्वीकार नहीं करेंगे।

उन्होंने कहा कि अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ प्रदीप ठाकुर के नेतृत्व में एकजुट है और कर्मचारियों की सभी समस्याओं के समाधान सरकार से करवाने के लिए सक्षम है।

उन्होंने कहा कि आज जो चुनाव हुए हैं वह किसी सेवाएं महासंघ के चुनाव हुए हैं और अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के चुनाव महासंघ के सही नाम से और असली चुनाव 9 सितंबर को हो चुके हैं।

इसलिए कृपया ऐसे महासंघ के साथ जो सेवाएं महासंघ के नाम से हैं अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की तुलना ना करें।

क्योंकि यह चुनाव सीधे राज्य स्तर पर हुए हैं कहीं हुए होंगे तो दो-तीन जिलों में हुए होगे, ब्लॉक स्तर पर इस संगठन के कोई चुनाव नहीं हुए हैं।

जबकि अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के चुनाव प्रदेश के सभी ब्लॉक से लेकर जिला और फिर राज्य के चुनाव हुए हैं।

उन्होंने कहा कि सभी से एक विशेष निवेदन यह भी रहेगा कि अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की हमारी किसी भी खबर के साथ एनपीएस गुट जैसा शब्द का प्रयोग ना करें। क्योंकि हमारे साथ प्रदेश के 98% कर्मचारी जुड़े हैं। जिसमें पहले से पुरानी पेंशन वाले कर्मचारी भी सम्मिलित हैं।

उन्होंने कहा कि इस तरह के शब्द से हमारे उन साथियों की भावनाओं को ठेस पहुंचती है और कहीं ना कहीं हमारे संगठन की छवि को भी धक्का लगता है।

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