कुल्लू टूडे
कुल्लू
अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव कुल्लू में भाग लेने के लिए जहां सैकड़ों देवी देवता पहुंच चुके हैं। वहीं एक दर्जन से अधिक देवी-देवताओं के शिविरों में लगाए गए टेंटों को प्रशासन द्वारा हटाया गया है। जिस कारण दशहरा पर्व में विवाद खड़ा हो गया है।
उधर देउलू विधायक सुरेंद्र शौरी से मिले और डीसी कसर्यालय का घेराव किया गया।
देवताओं के टेंटों को उखाड़ने पर विधायक सुरेंद्र शौरी भड़क गए और चेतावनी दे डाली है कि यदि देवताओं को उसी स्थान पर विराजमान नहीं किया गया तो विशाल धरना होगा।
उन्होंने कहा कि यह कैसी व्यवस्था परिवर्तन है कि जिला प्रशासन ने डंडों के जोर ओर देवी-देवताओं को उनके स्थान से खदेड़ने का काम किया है और जूतों के साथ टेंटों में घुस कर देव संस्कृति को खंडित किया है।
गौरतलब है कि जिला प्रशासन द्वारा देवी देवताओं के साथ आए हरियानो को निर्देश दिए गए हैं कि वह यहां से जगह खाली करें। वरना उन पर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
ऐसे में एक दर्जन से अधिक देवी देवताओं के साथ आए हरियानो में भी प्रशासन के प्रती खासा रोष है।
देवताओं के साथ आए हरियानो का कहना है कि वह साल 2019 से दशहरा उत्सव में भाग ले रहे हैं और यहां पर प्रशासन के द्वारा ही उन्हें हर बार टेंट व अन्य सुविधाओं में या करवाई जाती थी।
लेकिन इस बार प्रशासन के द्वारा उन्हें यहां से हटाने का फरमान जारी किया गया है। जो बिल्कुल भी सही नहीं है।
देवता के साथ आए हारियान इंद्र सिंह व सुनील कुमार का कहना है कि साल 2019 में जब दशहरा उत्सव समिति के द्वारा देवधुन कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। तो उसे दौरान उन्हें आमंत्रण दिया गया था।
ऐसे में वह अपने बजंतरियों के साथ यहां पर पहुंचे थे और उन्होंने यहां पर देव धुन में भी भाग लिया था।
उस साल देवताओं के रहने की व्यवस्था प्रशासन के द्वारा की गई थी और उन्हें हर साल मेले में बुलाए जाने लगा।
ऐसे में बीती शाम के समय जब उन्होंने यहां पर अपने टेंट लगाए तो उन्हें यहां से हटाने के बारे में निर्देश जारी किया गए।
वहीं मंगलवार को भी प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची, और उनके टेंट को हटा लिया गया और तथा उन्हें जाने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
हरियानो का कहना है कि प्रशासन के द्वारा जो यह निर्देश दिए गए हैं वह पूरी तरह से गलत है।
जबकि हर साल उन्हें प्रशासन के द्वारा ही हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध करवाई जाती थी।
उन्होंने जिला प्रशासन से मांग रखी है की देवी देवताओं के रहने के लिए विशेष रूप से टेंट की व्यवस्था की जाए और उन्हें यहां से बिल्कुल भी न हटाया जाए।
