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कुल्लू टूडे

बिलासपुर/कश्मीर ठाकुर

आवास और रास्तों के अलावा पेयजल और स्वच्छता, शिक्षा स्वास्थ्य और पोषण, सामाजिक सुरक्षा विद्युत और स्वच्छ इंधन, कृषि प्रणालियां, वित्तीय समावेशन, डिजिटलीकरण और जीवन यापन और कौशल विकास जैसे सभी कार्य क्षेत्रों में एक समान कार्य करने की आवश्यकता है।

यह बात उपायुक्त बिलासपुर ने बिलासपुर में आयोजित प्रधान मंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत जिला स्तरीय अभिसरण समिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।

बैठक में अधिकारियों को निर्देश देते हुए उपायुक्त ने कहा कि जब भी इन पंचायतों में गांव विकास योजना की रूपरेखा तैयार हो तो इस योजना के अंतर्गत अन्य कार्य क्षेत्रों पर भी ध्यान दिया जाए ताकि गांव पंचायत का संपूर्ण विकास हो सके।

उपायुक्त ने बताया कि बिलासपुर जिला के 25 पंचायतों जिनमे बिनौला, बल्ह बुलाणा, बकरोआ, बाला, बल्ह सीणा, बेहना जट्टां, भोली, निचली भटेड़, दयोली, डूडियां, पपलोआ, बल्ह सीहणा, हम्बोट, कोसरियां, झंण्डूता, कोठी, हरनोड़ा, ग्वालथाई, कोठीपुरा, ओयल, पनोह, पटटा, त्यूनखास के अंतर्गत गांव में प्रधान मंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत 4 करोड़ 80 लाख रुपए व्यय किए जा रहे हैं।

उपायुक्त ने सभी पंचायत प्रतिनिधियों और पंचायत सचिवों को इन पंचायतों के विकास के लिए बनाए जा रहे गांव विकास योजना के अंतर्गत सभी चयनित कार्यों को अन्य योजनाओं के साथ कन्वर्जंस के माध्यम से बनाने के निर्देश दिए ताकि चयनित कार्यों में किसी भी प्रकार की धन की कमी ना हो।

उपायुक्त ने बल्ह बुलाणा, बल्ह, सीहणा, भोली, हम्बोट और कोसरियां पंचायत के प्रतिनिधि और सचिवों को समय पर भारत सरकार द्वारा उपलब्ध करवाई गई राशि को विकास कार्यों के लिए वह करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर उपायुक्त ने बताया कि प्रधान मंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत बिलासपुर में चयनित 25 पंचायतों में से 24 पंचायतों द्वारा गांव विकास योजना की रूपरेखा तैयार कर दी है और शेष पंचायत के प्रतिनिधियों को भी गांव विकास योजना की रूपरेखा जल्द तैयार करने के निर्देश दिए गए है।

बैठक में उपायुक्त ने जिला कल्याण अधिकारी को सभी संबंधित तहसील कल्याण अधिकारियों को इन पंचायतों में किए जा रहे विकास कार्यों के निरीक्षण करने निर्देश दिए।

इस अवसर पर उपायुक्त ने बताया की आदर्श ग्राम एक ऐसी संकल्पना है जिसमें सभी निवासियों को आधारभूत अवसंरचना व बुनियादी सुविधाएं प्राप्त हो जिससे उनकी न्यूनतम आवश्यकताएं पूर्ण हो सके।

ऐसे ग्राम में असमानताएं कम हो तथा प्रत्येक व्यक्ति को एक ऐसा वातावरण मिल सके जिसमें वह अपनी संभावयाताओ का पूर्ण उपयोग कर सकें।

बैठक में जिला स्तरीय अभिसरण समिति के पदाधिकारी सभी 25 पंचायतों के प्रधान व पंचायत सचिव उपस्थित रहे।

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