कुल्लू टूडे
सोलन
मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सूचना एवं जन सम्पर्क) संजय अवस्थी ने कहा कि प्रदेश सरकार बेहतर तकनीकी शिक्षा के माध्यम से युवाओं को रोज़गार एवं स्वरोज़गार के अधिक से अधिक अवसर प्रदान करने के लिए वचनबद्ध है।
संजय अवस्थी आज औद्यौगिक प्रशिक्षण संस्थान सोलन में आईटीआई की राज्य स्तरीय महिला सांस्कृतिक एवं खेल कूद प्रतियोगिता के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे।
तीन दिवसीय इस प्रतियोगिता में प्रदेश के सभी 12 जिलों की 373 छात्राएं भाग ले रही हैं।
प्रतियोगिता में एकल, समूह गीत, लघु नाटिका, लोक नृत्य प्रतियोगिता के साथ-साथ विभिन्न एथलेटिक प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। यह इस तरह की 31वीं प्रतियोगिता हैं।
संजय अवस्थी ने कहा कि तकनीकी शिक्षा युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर बनाती है। सरकार नए शिक्षा सत्र से चरणबद्ध आधार पर विभिन्न आईटीआई में भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप नए पाठ्यक्रम आरंभ करेगी।
उन्होंने कहा कि सोलन और नालागढ़ औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सहित राज्य के 11 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में ड्रोन सेवा तकनीशियन पाठ्यक्रम आरंभ किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि देश एवं प्रदेश में निकट भविष्य में ड्रोन तकनीक विभिन्न कार्यों के लिए उपयोग में लाई जाएगी और इस विधा के विशेषज्ञ युवा अन्य के लिए रोज़गार प्रदाता बनेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार 13 आईटीआई में इलेक्ट्रिक वाहन तकनीशियन, रखरखाव तकनीशियन, सौर ऊर्जा तकनीशियन जैसे रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रम आरंभ करेगी।
संजय अवस्थी ने छात्रों से आग्रह किया कि अपना लक्ष्य निर्धारित करें और लक्ष्य प्राप्ति के लिए सतत् प्रयत्नशील रहें। उन्होंने कहा कि जीवन में स्थाई सफलता के लिए कोई शॉर्टकट नहीं होता और निरंतर परिश्रम एवं प्रयास से ही सफलता प्राप्त होती है।
उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि अनुशासन, नियमित प्रयास, परिश्रम और बड़ों के आशीर्वाद से ही वह हिमाचल का रणजी ट्राफी में प्रतिनिधित्व कर पाए और आज राजनीति के माध्यम से जन सेवा कर पा रहे हैं।
संजय अवस्थी ने कहा कि युवा पीढ़ी को सदैव पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी को याद रखना चाहिए जिन्होंने भारत में सूचना प्रौद्योगिकी की नींव रखी और युवाओं को मताधिकार दिया।
उन्होंने छात्राओं का आह्वान किया कि अपनी आंतरिक शक्ति को पहचानें और महिला सशक्तिरण की अगुआ बनें। उन्होंने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं प्रेषित की।
उन्होंने कहा कि आईटीआई सोलन के भवन निर्माण कार्य को जल्द पूरा किया जायेगा।
मुख्य संसदीय सचिव ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले छात्रों को अपनी ऐच्छिक निधि से 21 हजार रूपए प्रदान करने की घोषणा की।
आईटीआई सोलन के प्रधानाचार्य ललित कुमार ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए कहा कि वर्ष 1980 से पूर्व प्रदेश में 30 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान कार्यरत थे।
वर्तमान में सरकारी क्षेत्र में 150 तथा निजी क्षेत्र में 140 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान छात्रों को रोज़गारपरक तकनीकी शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।
आईटीआई कसौली के प्रधानाचार्य सुभाष शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
