कुल्लू टूडे
बिलासपुर/कश्मीर ठाकुर
विकास खंड झंडूता की ग्राम पंचायत बड़गांव के खिल्ल गांव में पेयजल के लिए हाहाकार मचा हुआ है।
हालत यह है कि गांव में एक सप्ताह से पेयजल आपूर्ति पूरी तरह से ठप्प पड़ी हुई है। नल से एक बूंद पानी नहीं टपक रहा है। ग्रामीण पेयजल के लिए भटक रहे हैं।
विभाग के सुस्त रवैया के कारण मजबूरन ग्रामीणों को टैंकर से पानी मंगवाना पड़ रहा है। इस कारण उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है।
विभाग की ओर से हर घर को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं और नल शोपीस बने हुए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें मजबूरन सूखे नलों के बिल अदा करने पड़ रहा है।
जलशक्ति विभाग वर्षों से नियमित पेयजल आपूर्ति मुहैया करवाने में नाकाम साबित हो रहा है। ग्रामीणों ने विभाग को चेताया है कि यदि एक सप्ताह में नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई तो विभाग के खिलाफ मोर्चा खोला जाएगा।
ग्रामीणों में शामिल हर्षा नंद गौतम, गोपाल गौतम, दयानंद गौतम, राजेश गौतम, नित्यानंद गौतम, दया कृष्ण गौतम, अंबिका प्रसाद सहित अन्य ने बताया कि वे जलशक्ति विभाग की लापरवाही से वर्षों से नियमित पेयजल आपूर्ति से महरूम हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान में एक सप्ताह से पेयजल आपूर्ति ठप्प पड़ी है और मजबूरन उन्हें खुद के पैसे खर्च कर टैंकरों के माध्यम से पानी लाना पड़ रहा है। विभाग ने पेयजल संकट को देखते हुए गांव के साथ ही एक टैंक का निर्माण भी किया है।
लेकिन 2 वर्ष बीत जाने के बाद भी उस टैंक में अभी तक पानी तक नहीं डाला गया है और न ही टैंक से पाइपों के कुनेक्शन दिए हैं जिस कारण समस्या और भी गंभीर हो गई है। उन्होंने कहा कि गर्मियों में तो स्थिति और भी भयंकर हो जाती है।
वहीं, सर्दियों में भी पेयजल के लिए तरसना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार और प्रशासन से पेयजल समस्या का स्थायी समाधान करने की गुहार लगाई है।
गुस्साए लोगों ने जलशक्ति विभाग को चेताते हुए कहा कि यदि एक सप्ताह के अंदर गांव में पेयजल आपूर्ति नियमित नहीं करवाई तो विभाग के कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
उधर जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता अमन ठाकुर ने बताया कि यह मामला उनके ध्यान में नहीं था। लेकिन स्थिति का जायजा लेकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
