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कुल्लू टूडे

बिलासपुर/कश्मीर ठाकुर

बिलासपुर शहर के श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद भागवत कथा के छठे दिन प्रवचनों की अमृतवर्षा करते हुए कथा वाचक संदीपन वशिष्ठ ने कहा कि ज्ञान को प्राप्त करना सहज नहीं होता।

यह कार्य जटिल इस करके है क्योंकि अक्सर देखा गया है कि ज्ञान प्राप्ति के बाद अंहकार आ जाता है जबकि ज्ञान के बाद अंकहार नहीं बल्कि विनम्रता आनी चाहिए।

उन्होंने बताया कि द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण ने शरद पूर्णिमा की रात में ही गोपियों के साथ रासलीला की थी। मान्यता है कि आज भी शरद पूर्णिमा की रात श्रीकृष्ण गोपियों के साथ वृंदावन के निधिवन में रासलीला रचाते हैं।

वृंदावन उत्तर प्रदेश में मथुरा के पास ही स्थित है। ये क्षेत्र श्रीकृष्ण का सबसे प्रमुख तीर्थ स्थान है। उन्होंने बताया कि द्वापर युग में वृंदावन की सभी गोपियां श्रीकृष्ण को पति रूप में पाना चाहती थीं।

जब गोपियों ने ये इच्छा श्रीकृष्ण को बताई तो भगवान ने ये कामना पूरी करने का वचन दिया। शरद पूर्णिमा की रात चंद्र अपनी 16 कलाओं के साथ दिखाई देता है, इस रात चंद्र बहुत सुंदर दिखाई देता है। इसीलिए श्रीकृष्ण ने शरद पूर्णिमा की रात यमुना तट के पास निधिवन में गोपियों को मिलने के लिए कहा।

मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात सभी गोपियां निधिवन पहुंच गईं। उस समय निधिवन में जितनी गोपियां थीं, श्रीकृष्ण ने उतने ही रूप धारण किए और सभी गोपियों के साथ रास रचाया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण ने मनमोहक भजनों पर नृत्य भी किया।

उन्होंने बताया कि निधिवन में तुलसी के पेड़ हैं। ये सामान्य तुलसी के पौधों से एकदम अलग हैं। तुलसी के इन पेड़ों की शाखाएं जमीन की ओर आती हैं। यहां तुलसी के पेड़ जोड़ों में हैं। मान्यता है कि आज भी जब श्रीकृष्ण निधिवन में गोपियों संग रास रचाते हैं तो ये सभी पेड़ गोपियां बन जाती हैं। जैसे ही सुबह होती है तो फिर तुलसी के पेड़ में बदल जाती हैं।

सूर्यास्त के बाद इस वन को खाली करा दिया जाता है। किसी भी इंसान को इस वन में रुकने की इजाजत नहीं है। इस संबंध में माना जाता है कि अगर व्यक्ति रात में इस वन में रुकता है तो उसका मानसिक संतुलन बिगड़ सकता है।

अपने पति स्वर्गीय विरेंद्र अवस्थी की गोलोक यात्रा को निर्विघ्न होने की इच्छा से श्रीमद भागवत कथा का आयोजन करवा रही उनकी धर्म पत्नी रक्षा अवस्थी ने बताया कि शुक्रवार को पूर्णाहुति के बाद प्रसाद वितरण कार्यक्रम होगा।

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