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कुल्लू टूडे

शिमला

हिमाचल सरकार के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को अपना
पहला बजट पेश किया। जिसमें मुख्यमंत्री ने हर वर्ग को लुभाने का प्रयास
किया है।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बजट भाषण में विधायक क्षेत्र विकास
निधि को दो करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2.10 करोड़ रुपये करने की घोषणा की। इस पर
विपक्ष के विधायकों ने पिछली किस्त देने को कहा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र
सिंह सुक्खू ने 53, 413 करोड़ रुपये का बजट पेश किया।
पैरा वर्कर्स का मानदेय बढ़ाया
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को अब 9500 रुपये प्रतिमाह, मिनी आंगनबाड़ी
कार्यकर्ता को 6600 रुपये, आंगनबाड़ी सहायिका को 5200 रुपये, आशा वर्कर को
5200, मिड डे मिल वर्करों को 4000, वाटर कैरियर शिक्षा विभाग को 4400
रुपये, जलशक्ति विभाग मल्टीपर्पज वर्कर को 4400 रुपये और पैरा फिटर पंप
ऑपरेटर को 6000 रुपये प्रति माह मानदेय दिया जाएगा। दिहाड़ीदार की दिहाड़ी
25 रुपये बढ़ाकर 375 रुपये करने की घोषणा। आउटसोर्स को न्यूनतम 11250
रुपये मिलेंगे। पंचायत चौकीदारों को 7000 रुपये और राजस्व लंबरदार को
3700 रुपये प्रति माह मानदेय दिया जाएगा। एसएमसी शिक्षकों को 500
रुपये,आईटी टीचर को 2000 और एसपीओ को 500 रुपये प्रति माह बढ़ोतरी की
घोषणा। विधायक ऐच्छिक निधि को 12 लाख रुपये से बढ़ाकर 13 लाख रुपये किया।
25 हजार पद भरने की घोषणा।

मुख्यमंत्री रोजगार संकल्प सेवा शुरू होगी मुख्यमंत्री रोजगार संकल्प सेवा शुरू की जाएगा। युवाओं को विदेशों में रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए विभिन्न दूतावासो में संपर्क किया जाएगा।

ओवरसीज हिमाचलियों से भी संपर्क कर युवाओं को विदेशों में रोजगार उपलब्ध
करवाया जाएगा। श्रम एंव रोजगार विभाग इसमें अहम भूमिका निभाएगा।

सिंगल विंडो सिस्टम खत्म
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सिंगल विंडो सिस्टम खत्म
होगा। ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टमेंट प्रोमोशन खोलेंगे। नई उद्योग नीति लाएंगे।
बेरोजगार युवाओं को 500 रूटों पर ई वाहन के परमिट दिए जाएंगे।

हमीरपुर में बस पोर्ट बनाया जाएगा जिस पर 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
नगर निगम महापौर का मानदेय पांच हजार बढ़ाया
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने नगर निकाय के प्रतिनिधियों का
मानदेय बढ़ाने की भी घोषणा की।

नगर निगम महापौर का मानदेय पांच हजार रुपये बढ़ाकर 20000 रुपये प्रति माह किया गया। नगर निगम उप महापौर को 15000
रुपये प्रति माह, नगर निगम काउसंलर को 7000 रुपये प्रति माह, अध्यक्ष नगर
परिषद को 8500 रुपये प्रति माह, उपाध्यक्ष नगर परिषद को 7000 रुपये प्रति माह, पार्षद नगर परिषद को 3500 रुपये प्रति माह, प्रधान नगर पंचायत को 7000 रुपये प्रति माह, उपप्रधान नगर पंचायत को 5500 रुपये प्रति माह, सदस्य नंगर पंचायत को 3500 रुपये प्रति माह मानेदय दिया जाएगा।

अध्यक्ष जिला परिषद 20 हजार रुपये प्रति माह मानदेय मिलेगा। उपाध्यक्ष
जिला परिषद को 15 हजार हजार रुपये प्रति माह मानदेय मिलेगा। सदस्य जिला परिषद को 6500 रुपये प्रति माह, अध्यक्ष बीडीसी को 9500 रुपये प्रति माह, उपाध्यक्ष बीडीसी को 7000 रुपये प्रति माह, सदस्य बीडीसी को 6000 रुपये प्रति माह, पंचायत प्रधान को 6000 रुपये प्रति माह, उप प्रधान को 4000
रुपये प्रति माह और सदस्य ग्राम पंचायत को 500 रुपये प्रति बैठक प्रदान
किया जाएगा।

ग्रामीण विकास पंचायती राज विभाग के लिए 1916 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है।

मनरेगा दिहाड़ी 28 रुपये बढ़ाई मछली पालन के लिए तालाब निर्माण के लिए 80 फीसदी की सब्सिडी की घोषणा।

जनजातीय क्षेत्रों में मनरेगा दिहाड़ी मौजूदा 266 रुपये से 294 रुपये करने की घोषणा। 9 लाख मनरेगा मजदूरों को इससे लाभ मिलेगा। इससे 100 करोड़ का अतिरिक्त व्यय राज्य सरकार वहन करेगी।

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बजट भाषण में कहा कि हिमाचल में
नशा एवं मादक पदार्थ मुक्त अभियान चलेगा। नशे के सौदागरों के खिलाफ कड़ा
कानून लाया जाएगा। किसानों, पशुपालकों के लिए हिम गंगा योजना शुरू होगी।

इस योजना के लिए 500 करोड़ की घोषणा। नए मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किए जाएंगे और मौजूदा प्लांट्स को अपग्रेड किया जाएगा। 25 हजार सब्सिडी देगी सरकार विधवा पेंशन के लिए आयु सीमा खत्म करने की घोषणा। दिव्यांग जनों को भी लाभ दिया जाएगा।

पहले चरण में 2 लाख 31 महिलाओं को मिलेंगे 1500 रुपये मासिक
दिए जाएंगे। विधवा और एकल नारी आवास योजना शुरू होगी। इसके तहत 7 हजार महिलाओं को डेढ़ लाख की राशि आवास के लिए दी जाएगी। बिजली पानी भी निशुल्क दिया जाएगा।

20 हजार मेधावी छात्राओं को इलेक्ट्रिक स्कूटी के लिए 25 हजार सब्सिडी दी जाएगी। सभी जिले हेलीपोर्ट से जोड़े जाएंगे

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंडी एयरपोर्ट के लिए 1000 करोड़ रुपये जारी करवाने के लिए विपक्ष का सहयोग मांगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि
केंद्रीय मंत्रालय पैसा जारी करने में आनाकानी कर रहा है। पंद्रहवें वित्तायोग की सिफारिश को लागू नहीं किया जा रहा है। सभी जिले हेलीपोर्ट से जोड़े जाएंगे।

हिमाचल के सभी मेडिकल कालेजों में इस साल रोबोट सर्जरी शुरू होगी। इस पर 100 करोड़ खर्च होंगे। हर विस क्षेत्र में आर्दश स्वास्थ्य
संस्थान केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

हिमाचल प्रदेश में हर उपमंडल की दो पंचायतें ग्रीन पंचायतें बनेंगी।

प्रदेश में ग्रीन हाइड्रोजन नीति लाई जाएगी। कांगड़ा हवाई पट्टी का विस्तार मौजूदा 1372 मीटर से 3010 मीटर किया जाएगा।

वरिष्ठ नागरिकों के
लिए ओल्ढ एज होम विकसित किए जाएंगे। कांगड़ा जिले के वनखंडी में 300 करोड़ से चिड़ियाघर का निर्माण होगा। इसके लिए भूमि का चयन कर लिया गया है।

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भगवान कृष्ण को प्रणाम कर बजट भाषण
शुरू किया। सीएम सुक्खू ने कर्ज पर पूर्व भाजपा सरकार को घेरा। कहा कि हर हिमाचली पर आज 92,833 रुपए का कर्ज है। समय के साथ-साथ बदलाव की जरूरत है।

नादौन और शिमला में ई-बस डिपो बनाया जाएगा। एनपीएस कर्मचारियों के 8
हजार करोड़ रुपये केंद्र से वापस लाने के लिए भी सदन में विपक्ष से सहयोग
मांगा।

इन क्षेत्रों पर ज्यादा फोकस
इस साल चुनावी वर्ष न होने के कारण बजट के लोकलुभावन होने की संभावना बहुत कम है।

हालांकि, मुख्यमंत्री कृषि, पशुपालन जैसे प्राइमरी सेक्टर के
घटकों और विनिर्माण क्षेत्र पर ज्यादा फोकस कर सकते हैं। राज्य का यह बजट करीब 55 से 60 हजार करोड़ रुपये के बीच का हो सकता है।

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